शादी का दबाव बनाने पर प्रेमिका की हत्या, आरोपी को उम्र कैद

कोरबा 08 जनवरी। हत्या के तीन साल पुराने मामले में कोरबा की एक कोर्ट ने गला घोंटकर प्रेमिका की हत्या और लाश को नाली में दफनाने वाले आशिक को आजीवन कारावास की सजा सुनाया है।

विशेष लोक अभियोजक सुनील कुमार सोनवानी ने बताया कि हत्या का यह मामला जुलाई 2022 का है। गांव ढेलवाडीह में रहने वाली अंजू उर्फ सोनी यादव की गला घोंटकर उसके प्रेमी ने हत्या कर दी थी। सोनी के शव को सागौन बाड़ी ढेलवाडीह के नाली में दफना दिया था। लेकिन इसकी भनक किसी को नहीं थी। सोनी की खोज खबर लेने के लिए इसकी मां और बहन लगातार प्रयास कर रही थी। परिवार को पता था कि सोनी का प्रेम संबंध गांव ढेलवाडीह में रहने वाले गोपाल उर्फ रामगोपाल खड़िया उम्र 29 वर्ष से था। गोपाल और सोनी पति-पत्नी की तरह एक साथ रहते थे। जब छह माह तक सोनी के बारे में उसके परिवार को जानकारी नहीं मिली तो उसकी मां एक मार्च, 2023 को मानिकपुर चौकी (कोतवाली थाना) पहुंची। उसने बेटी की गुमशुदगी की सूचना देते हुए पुलिस को बताया कि सोनी यादव गोपाल खड़िया के साथ रहती थी। लेकिन गोपाल, सोनी के बारे में कोई जानकारी नहीं दे रहा है। पूछने पर इधर उधर की बात करके घुमा रहा है।

पुलिस ने पूछताछ के लिए गोपाल खड़िया को हिरासत में लिया। तब खड़िया ने गला घोंटकर सोनी की हत्या करना और शव को देलवाडीह सागौन बाड़ी के नाल में दफनाना स्वीकार किया। इसके बाद पुलिस ने कार्यपालक दंडाधिकारी की अनुमति से शव को कब्र से बाहर निकाला। शव से कुछ अंगों को निकालकर डीएनए जांच के लिए भेजा गया। शव की डीएनए जांच सोनी की मां के डीएनए से कराई गई। जांच में मां-बेटी का डीएनए मैच हुआ। इसके आधार पर शव की पहचान सोनी उर्फ अंजू यादव से हुई।

मामले में पुलिस ने मानिकपुर चौकी में गोपाल पर हत्या और सबूत नष्ट करने का केस दर्ज किया। गोपाल खड़िया को गिरफ्तार कर लिया। उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया था। मामले की सुनवाई कोरबा के प्रथम अतिरिक्त सत्र न्यायालय में चल रही थी। न्यायाधीश गरिमा शर्मा की अदालत ने गवाह और सबूतों के आधार पर सोनी यादव की हत्या के लिए गोपाल खड़िया को दोषी ठहराया। गोपाल को आजीवन कारावास की सजा से दंडित करते हुए अर्थ दंड लगाया।

अभियोजन पक्ष की ओर से बताया गया कि गोपाल को कोर्ट में दोषी ठहराने में सोनी की मां और बहन की गवाही काफी महत्वपूर्ण रही। सोनी यादव, रामगोपाल के साथ पत्नी की तरह रह रही थी। लेकिन वह सामाजिक रीति रिवाज से रामगोपाल संग शादी करना चाहती थी। इसके लिए रामगोपाल तैयार नहीं था। सोनी के दबाव डालने पर रामगोपाल ने गला घोंटकर हत्या कर दी।

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