कोरबा में सनसनीखेज आरोपः नाबालिग के अपहरणकर्ता को 10 हजार और बकरे के बदले छोड़ने का दावा, फिर से लापता हुई बच्ची

कोरबा 06 जनवरी। जिले के पसान थाना क्षेत्र में पुलिस पर बेहद गंभीर आरोप लगे हैं। परिजनों का दावा है कि नाबालिग लड़की के अपहरण के आरोपी युवक को पुलिस ने 10 हजार रुपये नकद और एक बकरे के बदले छोड़ दिया। आरोप है कि पुलिस की कथित कार्रवाई के बाद नाबालिग घर पहुंची और पूरी घटना परिजनों को बताई, लेकिन महज आधे घंटे बाद वह फिर से लापता हो गई।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, नाबालिग 26 नवंबर को साप्ताहिक बाजार जाने के बाद घर नहीं लौटी थी। परिजनों की तलाश में पता चला कि उसे आखिरी बार शनि नामक युवक के साथ देखा गया था। इस पर परिजनों ने पसान थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ अपहरण का मामला पंजीबद्ध किया।

परिजनों के अनुसार, 2 जनवरी को पसान थाने से उन्हें बुलाया गया। दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कराने के बाद पुलिस ने बयान दर्ज कराने के लिए कटघोरा न्यायालय चलने को कहा। इसी दौरान नाबालिग भी वाहन में बैठी, जिससे परिजनों को उसके मिलने की जानकारी हुई। हालांकि किसी कारणवश कोर्ट में बयान दर्ज नहीं हो सका और पुलिसकर्मियों ने नाबालिग को परिजनों के साथ घर लौटने की सलाह दी।
घर पहुंचने के बाद नाबालिग ने परिजनों को बताया कि पसान थाने के एसआई कुर्रे और आरक्षक मधुकर ने आरोपी शनि से 10 हजार रुपये लिए हैं और एक बकरे की भी मांग की गई है। नाबालिग का आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने उससे कहा था कि बयान दर्ज कराने के बाद वह शनि के साथ जा सकती है। यह बात उसके दिमाग में बैठ गई और वह करीब आधे घंटे बाद बिना बताए घर से चली गई।
शिकायत पत्र में परिजनों ने स्पष्ट आरोप लगाया है कि आरोपी युवक से नकद राशि और बकरे की मांग बयान दर्ज कराने और मामले को रफा-दफा करने के लिए की गई थी। सोमवार शाम परिजन पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे और लिखित शिकायत सौंपी।

मामले पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नीतिश ठाकुर ने बताया कि नाबालिग के पिता की शिकायत प्राप्त हुई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए कटघोरा एसडीओपी को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

Spread the word