भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी 100 वां वर्षगांठ गेवरा क्षेत्र में मनाया गया

कोरबा 27 दिसम्बर। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी की 100 वां शताब्दि वर्ष गेवरा क्षेत्र के कार्यालय कामरेड देवराज भवन आजाद चौक दीपका कालोनी में 26 दिसंबर 2025 को सायंकाल 7 बजे मनाया गया। जिसमें संगोष्ठी का कार्यक्रम रखा गया । कामरेड एल पी अघरिया ने कहा कि 17 अक्टूबर 1920 को ताशकंद में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी की स्थापना हुई थी। और फिर 26 दिसंबर 1925 को कानपुर में कम्युनिस्ट पार्टी का गठन हुआ देश के सभी अलग-अलग कम्युनिस्ट समूहों को एक साथ लाने वाली कम्युनिस्ट पार्टी का वास्तविक गठन कानपुर में हुआ और यही से भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी की नींव पड़ी।ताशकंद में गठित प्रवासी भारतीय कम्यूनिस्ट पार्टी का भारत में कम्युनिस्ट आंदोलन के लिए एक उल्लेखनीय मील के पत्थर के रूप में अपना ऐतिहासिक महत्व है। सिंगार वेलु द्वारा स्थापित हिंदुस्तान की लेबर किसान पार्टी जैसे अन्य कम्युनिस्ट समूहों को कानपुर में स्थापित भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी में विलीन कर दिया गया था।
26 दिसंबर 1925 को कानपुर में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के स्थापना सम्मेलन में पार्टी के उद्देश्यों और लक्ष्यों को स्पष्ट करते हुए सम्मेलन की अध्यक्षता कर रहे सिंगार वेलु ने कहा था साम्यवाद का आंदोलन किसानो और मजदूरों का आंदोलन है और पार्टी का तात्कालिक उद्देश्य ष्सभी उचित तरीकों से स्वराज या पूर्ण स्वतंत्रता स्थापित करनाष् है। इस सम्मेलन में हमारे द्वारा की जा रही चर्चाओं की माध्यम से हमारे शांतिपूर्ण आंदोलन को हमारे देशवासियों और हमारे शासको दोनों द्वारा बेहतर ढंग से समझा जाएगा, अंग्रेजों ने जल्द ही प्रहार किया। एस.ए. डांगे, मुजफ्फर अहमद, नलिनी गुप्ता, शौकत अली, उस्मानी, सिंगारवेलु चेट्टियार, गुलाम हुसैन एवं अन्य के खिलाफ कुख्यात कानपुर षड्यंत्र केस में 17 मार्च 1924 को दिए आरोप पत्र में कहा अभियुक्त कम्युनिस्टों का लक्ष्यश् एक हिंसक क्रांति द्वारा ब्रिटिश साम्राज्यवाद को पराजित करना तथा ब्रिटिश साम्राज्य की संप्रभुता से वंचित करना थाश् मई 1924 को एस ए डांगे ,मुजफ्फर अहमद, गुप्ता और उसमानी को चार वर्ष की कैद की सजा दी गई।
मार्च 1929 में 31 कम्युनिस्ट एवं ट्रेड यूनियन नेताओं को गिरफ्तार किया जो मेरठ षड्यंत्र केस के नाम से प्रसिद्ध है। इनमें एस .ए.डांगे, मुजफ्फर अहमद ,गंगाधर अधिकारी, पी. सी. जोशी, एस. एस.मिरजकर तथा अन्य शामिल थे। ब्रिटिश आरोप पत्र में अभियुक्तों ने ज्ञात -अज्ञात तरीका से सम्राट को ब्रिटिश भारत को संप्रभुता से वंचित की साजिश का आरोप था। उन्हें सजायें दी गई।वर्ग दृष्टिकोण से कम्युनिस्टों ने देश की बहुमत जनता को भागीदार बनाने हेतु 1920 में एटक का गठन किया गया।
1936 में स्वामी सहजानंद सरस्वती और इन्दुलाल याज्ञिक जैसे क्रांतिकारी जनवादी नेताओं के साथ किसान सभा की स्थापना की गई 12 अगस्त 1936 को एआईएसएफ की स्थापना कर विद्यार्थियों को भी आजादी की जंग में जोड़ने का महत्वपूर्ण काम किया। 1936 में प्रगतिशील लेखक संघ की स्थापना की गई। 1943 में भारतीय जन नाटक संघ (इप्टा) की स्थापना हुई अखिल भारतीय युवा महासंघ (एआईवाईएफ) भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी का एक राष्ट्रव्यापी युवा संगठन है जिसकी स्थापना 3 मई 1959 को हुई थी।
भारतीय महिला फेडरेशन एन. एफ. आई डब्लू का स्थापना 4 जून 1954 को कलकता में हुआ, तत्पश्चात कामरेड दीपक उपाध्याय ने अपने उद्बोधन में कहा कि कम्युनिस्ट पार्टी पहले आम चुनाव में कांग्रेस के बाद लोकसभा में मुख्य विपक्ष पार्टी बनकर उभरी थी और कांग्रेस सरकार पर दबाव डालकर गरीबों के लिए खाद्यान्न योजना को लागू करवाया, प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को समर्थन देखकर राजाओं का प्रिविपर्स बन्द कराकर बैंकों का राष्ट्रीयकरण कराकर जनहित का काम किया, भूमि सुधार आन्दोलन चलाकर भूमिहीनों को जमीन दिलाने के साथ ही आवास योजना को भी लागू करवाया। कम्युनिस्ट पार्टी ने यूपीए की सरकार बनवाने में अपनी ऐतिहासिक भूमिका का निर्वह करते हुए सरकार के उपर दबाव बनाकर ग्रामीण गरीबों के लिए मनरेगा कानून बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की, साथ ही सूचना का अधिकार जनहित में लागू करवाया, आज भी कम्युनिस्ट पार्टी जनहित के सवालों को लेकर जंग के मैदान में संघर्ष कर रही है।, कामरेड कृपाल राम, कामरेड सुनील पटेल, कामरेड गोपाल यादव, ने सभा को संबोधित किए। कामरेड दुधनाथ ने धन्यवाद ज्ञापित किए।
