नेशनल जू-जित्सु में जिले को मिला पांच स्वर्ण, एक रजत और सात कांस्य पदक/ कोरबा की बेटी कुसुम ने शॉट बाल चैंपियनशिप में दिलाया स्वर्ण पदक

कोरबा। उत्तराखंड के हल्द्वानी में 19 से 23 दिसंबर तक आयोजित जू-जित्सु राष्ट्रीय चैम्पियनशिप में लेवल अप एमएमए एकेडमी, कोरबा के खिलाड़ियों ने एक बार फिर अपनी प्रतिभा साबित की है। जिले के खिलाड़ियों ने 5 स्वर्ण, 1 रजत व 7 कांस्य पदक सहित कुल 13 पदक जीतने में सफल रहे हैं। टीम प्रबंधन की जिम्मेदारी अंतर्राष्ट्रीय पदक विजेता स्नेहा बंजारे ने निभाया।
प्रतियोगिता के दौरान खिलाड़ियों को जू-जित्सु संघ के जिला प्रभारी के मार्गदर्शन में निरंतर सहयोग प्राप्त होता रहा। स्वर्ण पदक विजेता खिलाड़ियों में आर्या सेठी, अवनी शर्मा, अगस्त्य शर्मा, प्रणव कुमार निर्मलकर, रजत पदक विजेता में आर्नव यादव व कांस्य पदक जीतन वालों में विधि विजयवर्गीय, दीपेंद्र चंद्रा, अवनी शर्मा, अद्वितीय यादव, अगस्त्य शर्मा, दीपेंद्र चंद्रा शामिल हैं। जबकि हृदय मंडल, आराध्य सोनी, रुद्र शर्मा, देवराज गोगोई ने तीन राउंड जीतकर उत्कृष्ट प्रदान किया। इस उपलब्धि पर जू-जित्सु संघ के प्रभारी अविनाश बंजारे, अध्यक्ष प्रेमराज बंजारे, सचिव देवाशीष कश्यप आदि ने खिलाड़ियों को प्रोत्साहित किया।
कोरबा की बेटी कुसुम ने शॉट बाल चैंपियनशिप में दिलाया स्वर्ण पदक
कोरबा। कबड्डी के बाद अब शॉट बाल की दक्षिण एशियाई चैंपियनशिप में जिले की कुसुम साहू ने अपने देश को चैंपियन ट्राफी दिलाने में अहम भूमिका निभाई है। यह चैंपियन ट्राफी नेपाल के पोखरा में 16 से 19 दिसंबर तक आयोजित प्रथम दक्षिण एशियाई गोल शॉट बॉल चैंपियनशिप में भारतीय टीम ने स्वर्ण पदक जीतकर हासिल की है। कुसुम पुरानी बस्ती कोरबा के भंडारी चौक के ट्रक चालक संपत लाल साहू और धनलक्ष्मी साहू की बेटी है। बेटी की सफलता पर पूरा परिवार गर्व महसूस कर रहा है।
कुसुम साहू ने कहा कि चार दिन के इस अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता में दक्षिण एशियाई देशों के बीच कड़ा मुकाबला हुआ। भारतीय पुरुष और महिला दोनों टीमों ने बेहतरीन तालमेल और आक्रामक खेल का प्रदर्शन करते हुए फाइनल में जीत दर्ज कर स्वर्ण पदक हासिल किए। भारतीय टीमों के मार्गदर्शन और नेतृत्व की जिम्मेदारी भिवानी, हरियाणा के प्रशिक्षकों ने संभाली थी।
परमवीर सिवाच ने पुरुष टीम को कोचिंग दी, जबकि विवेक कुमार, खरक महिला टीम के मुख्य कोच रहे। टीम का नेतृत्व अमित कौशिक, उमरावत ने किया। कुसुम साहू ने कहा कि इस प्रतियोगिता में कई देशों की टीमों और खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया था। वह छत्तीसगढ़ की टीम में शामिल थीं और उनका प्रदर्शन बेहतर रहा। उन्होंने कहा कि वह पिछले कई सालों से इस खेल के लिए मेहनत कर रही हैं और आगे भी खेलना चाहती हैं, ताकि भारत, छत्तीसगढ़ और कोरबा का नाम रोशन कर सकें।
