नई गाइडलाइन दरें : नगरीय और ग्रामीण क्षेत्रों में भूमि की दरों में विसंगतियां हुई दूर

दरों को बढ़ाने के बजाय उन्हें अधिक व्यवस्थित और वैज्ञानिक पद्धति से किया गया है तैयार

रायपुर, 12 दिसंबर 2025/नई गाइडलाइन दरों में नगरीय क्षेत्रों में भूमि की दरों की विसंगति को दूर कर एकरूप किया गया है। अलग-अलग दरों की कंडिकाओं को घटाकर कम किया गया है। इसी प्रकार ग्रामीण क्षेत्रों में भी लंबे समय से एक ही मुख्य मार्ग से लगे ग्रामों के बीच दरों में भारी विसंगतियाँ थीं। नई गाइडलाइन दरों में इसे भी दूर कर तार्किक रूप से एक समान किया है।

विभागीय अधिकारियों ने बताया कि नगरीय क्षेत्रों में लंबे समय से एक ही वार्ड के भीतर कई कंडिकाओं में अलग-अलग दरों के फलस्वरूप भ्रम की स्थिति बनती थी। नगर निगम राजनांदगांव के वार्ड क्रमांक 1, 2 और 3 में पूर्व में कुल 10 कंडिकाएँ थीं, जिनमें एक ही मुख्य मार्ग के लिए 3200, 3400 और 3600 रुपये प्रति वर्गमीटर जैसे भिन्न मूल्य दर्ज थे, जबकि उस क्षेत्र का वास्तविक बाजार मूल्य लगभग 4500 रुपये प्रति वर्गमीटर है।

नवीन गाइडलाइन में इन विसंगतियों को दूर करते हुए दरों को एकरूप किया गया है और कंडिकाओं को 10 से घटाकर 6 किया गया है। पूरे नगर निगम क्षेत्र में पूर्व की 310 कंडिकाएँ घटाकर अब 134 कर दी गई हैं। इसी प्रकार डोंगरगढ़, डोंगरगांव, छुरिया और लाल बहादुर नगर सहित जिले के सभी नगरीय निकायों में 490 कंडिकाओं को सरलीकृत कर 249 किया गया है।

यह भी स्पष्ट किया है कि गाइडलाइन का अंतिम पुनरीक्षण वर्ष 2018-19 में हुआ था और वर्तमान पुनरीक्षण भी उसी आधार वर्ष को ध्यान में रखकर किया गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में लंबे समय से एक ही मुख्य मार्ग से लगे ग्रामों के बीच दरों में भारी विसंगतियाँ थीं। नई गाइडलाइन में इन विसंगतियों को दूर करते हुए दरों को तार्किक रूप से एक समान किया गया है।

उदाहरण के तौर पर जी.ई. रोड से लगे ग्रामों में पूर्व की दरें इस प्रकार थीं – अंजोरा में 1.08 करोड़ रुपये, टेडेसरा में 1.38 करोड़ रुपये, देवादा में 1.22 करोड़ रुपये, इंदावनी में 56 लाख रुपये, सोमनी 1.38 करोड़ रुपये थी। नवीन गाइडलाइन में इन ग्रामों की दरों में पारदर्शिता और एकरूपता लाते हुए विसंगतियों को समाप्त किया गया है। नगरीय क्षेत्रों में युक्तियुक्तरण के बाद प्राप्त दरों पर केवल 20 से 40 प्रतिशत तक की स्वाभाविक वृद्धि की गई है, जिसे छह वर्षों बाद तार्किक वृद्धि माना जा सकता है।

वित्तीय वर्ष 2025-26 हेतु केन्द्रीय मूल्यांकन बोर्ड, छत्तीसगढ़ द्वारा अनुमोदित नई गाइडलाइन दरों को लेकर आमजन के बीच फैल रही गलतफहमियों के बीच राज्य शासन ने स्पष्ट किया है कि गाइडलाइन दरों को बढ़ाने के बजाय उन्हें अधिक व्यवस्थित, सरल और वैज्ञानिक पद्धति से तैयार किया गया है। शासन ने बताया कि दरों में किसी प्रकार की अनावश्यक वृद्धि नहीं की गई है। इस संबंध में आमजन से अपील की है कि वे किसी भी भ्रामक सूचना या अफवाहों से प्रभावित न हों और केवल अधिकृत स्रोतों से प्राप्त जानकारी पर विश्वास करें। नई गाइडलाइन दरें नागरिकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए अधिक सरल, वैज्ञानिक और पारदर्शी रूप में तैयार की गई हैं।

छत्तीसगढ़ में नई गाइडलाइन दरें लागू, संपत्ति मूल्यांकन होगा अधिक पारदर्शी और संतुलित

रायपुर, 12 दिसंबर 2025/ राज्य सरकार ने छत्तीसगढ़ में स्थावर संपत्तियों के बाजार मूल्य निर्धारण से संबंधित नई गाइडलाइन दरें 20 नवंबर 2025 से लागू कर दी हैं। महानिरीक्षक पंजीयन एवं अधीक्षक मुद्रांक, छत्तीसगढ़ रायपुर द्वारा जारी पत्र के आधार पर केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड ने वर्ष 2025-26 की गाइडलाइन दरों को अनुमोदित किया है। यह पुनरीक्षण छत्तीसगढ़ गाइडलाइन दर निर्धारण नियम 2000 के प्रावधानों के अनुसार किया गया है।

पिछले 7-8 वर्षों से गाइडलाइन दरों में बढ़ोतरी नहीं होने के कारण संपत्तियों के वास्तविक मूल्य और गाइडलाइन के मूल्यों में भारी अंतर आ गया था। इस असंतुलन को दूर करने प्रशासन ने व्यापक संशोधन करते हुए दरों को युक्तिसंगत बनाया है। साथ ही नवगठित नगर पंचायत देवभोग एवं कोपरा को भी गाइडलाइन में शामिल किया गया है।

नगरीय निकायों में लंबे समय से चली आ रही विसंगतियों को ठीक करते हुए एक ही मार्ग पर स्थित अलग-अलग वार्डों के असमान दरों को संतुलित किया गया है। उदाहरण के तौर पर नगर पालिका गरियाबंद के वार्ड क्रमांक 01 और 02 में एक ही मार्ग के लिए अलग-अलग दरें निर्धारित थीं- मुख्य मार्ग के 5467 और 5090 प्रति वर्गमीटर के स्थान पर संशोधित दर 6600 प्रति वर्गमीटर तय की गई है। इसी प्रकार अंदरूनी क्षेत्रों में भी दरों को रेशनलाइज करते हुए 4800 प्रति वर्गमीटर संशोधित किया गया है। इससे बाडों की कुल कंडिकाओं को 119 से घटाकर परिसीमन आधारित 61 कर दिया गया है।
ग्रामीण क्षेत्रों में भी व्यापक संशोधन किए गए हैं। प्रमुख और अन्य मार्गों पर स्थित समान प्रकृति की भूमि के दरों में पहले काफी अंतर था, जिसे अब समान किया गया है। शहर से लगे ग्रामीण इलाकों में भी असमानता दूर कर दरों का युक्तियुक्तकरण किया गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में वृक्ष, कुआं, नलकूप और सिंचित दो फसली भूमि के पृथक मूल्यांकन की पुरानी व्यवस्था को समाप्त कर दिया गया है। ग्रामीण क्षेत्रो में आवासीय व्यावसायिक परिवर्तित भूमि में मूल्य निर्धारण के समय भूमि के बाजार मूल्य में 2.5 गुणा करके मूल्य का आकलन किया जाता था | जिसे शासन द्वारा 2.5 गुणा प्रथा को ख़त्म कर सिंचित मूल्य में ही बाजार भाव का मुल्यांकन किया जाता है। साथ ही 12.5 डिसमिल से कम रकवे के लिए वर्गमीटर दर की प्रणाली भी हटा दी गई है। जिससे ग्रामीण क्षेत्रो की छोटे भू खंडो की पंजीयन पर पक्षकार को स्टाम्प एवं पंजीयन शुल्क में भारी छूट प्रदान हुआ है।

उदहारण :- पूर्व में नगर पालिका गरियाबंद का मुख्य मार्ग दर 1088522/- एवं मुख्य मार्ग के अन्दर का दर 826252/-था उसी प्रकार नगर पालिका गरियाबंद से लगे ग्राम पारागांव का मुख्य मार्ग का दर 537528/- एवं मुख्य मार्ग के अन्दर का दर 369272/- एवं डोंगरीगाँव का मुख्य मार्ग का दर 470794/- एवं मुख्य मार्ग के अन्दर का दर 342267/-था जिसे नगर पालिका गरियाबंद से लगे हुए गाँवो की मूल्य को रेशनलाईज कर वृद्धि कर मुख्य मार्ग का दर 3800000 रूपये एवं मुख्य मार्ग के अन्दर का दर 2900000 रूपये युक्तियुक्त कर समान किया गया है। हालाँकि सर्वे दर इससे कही ज्यादा अधिक है |

प्रदेश में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय एवं वित्त एवं वाणिज्य कर पंजीयन मंत्री श्री ओ पी चौधरी की अथक प्रयासों के कारण ही स्वतः नामातरण की प्रक्रिया प्रारंभ किया गया | जिससे गरियाबंद जिले में कुल 1654 विक्रय विलेख का सरलता पूर्वक स्वतः नामातरण किया गया है | जिससे लोगो को नामातरण के लिए भटकना नहीं पड़ता है | स्वतः नामातरण से आम जनता बहुत ही संतुष्ट है।

नई गाइडलाइन दरों का उद्देश्य आम नागरिकों को उनकी संपत्तियों का वास्तविक और पारदर्शी मूल्य उपलब्ध कराना तथा पूरी गाइडलाइन को सरल और समझने योग्य बनाना है। शासन का मानना है कि इन संशोधनों से आम जनता को लाभ मिलेगा और संपत्ति मूल्यांकन प्रणाली अधिक व्यवस्थित, स्पष्ट और सहज होगी।

Spread the word