मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने अमर शहीद वीर नारायण सिंह के बलिदान दिवस पर किया नमन, मानवाधिकार दिवस पर प्रदेश वासियों को दी शुभकामनाएँ

रायपुर 9 दिसंबर 2025. मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने 10 दिसंबर को छत्तीसगढ़ के स्वतंत्रता संग्राम सेनानी अमर शहीद वीर नारायण सिंह के बलिदान दिवस पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि वीर नारायण सिंह छत्तीसगढ़ की गौरवशाली परंपरा के ऐसे महान जननायक थे, जिन्होंने मातृभूमि की रक्षा, अन्याय के प्रतिरोध और वंचित वर्गों की सेवा को अपने जीवन का ध्येय बनाया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सोनाखान के ज़मींदार परिवार में जन्म लेकर भी शहीद वीर नारायण सिंह का जीवन सदैव आदिवासियों, किसानों और गरीब परिवारों के संघर्षों से जुड़ा रहा। वर्ष 1856 के विकट अकाल में जब आमजन भूख से त्रस्त थे, तब उन्होंने मानवता को सर्वोपरि रखते हुए अनाज गोदाम का अनाज गरीबों में वितरित कर त्याग, करुणा और साहस की अनुपम मिसाल प्रस्तुत की।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि शहीद वीर नारायण सिंह ने छत्तीसगढ़ की जनता में देशभक्ति, स्वाभिमान और एकता की लौ प्रज्वलित की। उनका संघर्ष केवल अंग्रेजी शासन के विरुद्ध नहीं था, बल्कि हर प्रकार के अन्याय, दमन और सामाजिक शोषण के खिलाफ था।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि शहीद वीर नारायण सिंह का बलिदान छत्तीसगढ़ की अस्मिता, वीरता और बलिदान की गौरवशाली परंपरा का प्रेरक अध्याय है। वे गरीबों, किसानों और वंचितों के सच्चे रक्षक थे और उनकी गाथा सदैव आने वाली पीढ़ियों को न्याय एवं मानवता के लिए खड़े होने की प्रेरणा देती रहेगी।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस पर प्रदेशवासियों को दी शुभकामनाएँ

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने 10 दिसंबर अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस के अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएँ दी हैं। उन्होंने कहा कि मानवाधिकार मात्र अधिकारों की रक्षा का विषय नहीं है, बल्कि यह मानवता, समानता और व्यक्ति की गरिमा के प्रति हमारी सामूहिक संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता का सर्वोच्च प्रतीक है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि भारत का संविधान प्रत्येक नागरिक को मौलिक अधिकार प्रदान करता है। हम सबका दायित्व है कि अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होने के साथ-साथ अपने कर्तव्यों का भी निष्ठापूर्वक पालन करें। अधिकारों की वास्तविक सुरक्षा तभी संभव है जब समाज का हर व्यक्ति अपने कर्तव्यों के प्रति सजग, उत्तरदायी और प्रतिबद्ध हो।

उन्होंने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस विश्वभर में समानता, शांति, न्याय, स्वतंत्रता और मानवीय गरिमा की स्थापना के लिए जन-जागरूकता बढ़ाने का महत्वपूर्ण अवसर है। यह दिन हमें याद दिलाता है कि समाज तभी मजबूत बनता है जब हर व्यक्ति सुरक्षित, सम्मानित और समान अवसरों से सशक्त हो।

मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रदेशवासियों से अपील की है कि वे मानवाधिकारों के संरक्षण और संवर्धन में सक्रिय भूमिका निभाएँ और एक ऐसे समाज के निर्माण में सहयोग करें जो न्यायसंगत, समतामूलक, संवेदनशील तथा सभी के लिए समान अवसर उपलब्ध कराने वाला हो।

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