कोरबा 17 नवम्बर। दो दशक से भी लंबे समय से हाथी उत्पात की समस्या कोरबा जिले के सामने है। इसका समाधान न कर पाना वन विभाग की सबसे बड़ी नाकामी है। इधर लगातार यहां-वहां किसानों की धान की फसल चौपट करने में हाथियों का समूह उतारू है और नियंत्रण के बोगस दावे कर फारेस्ट मजे में है।

वनमंडल कोरबा के कोरबा तथा करतला रेंज में 41 की संख्या में हाथी दो झुंडों में घूम रहे हैं। एक झुंड में शामिल 29 हाथी जहां करतला रेंज के नोनबिर्रा सर्किल पहुंच गया है वहीं कोरबा रेंज के बासिनखार में विचरणरत हाथियों की संख्या 12 बताई जा रही है। हाथियों के इन दोनों ही दलों ने बीती रात जमकर उत्पात मचाते हुए अनेक स्थानों पर धान की फसल तहस-नहस कर दिया है, जिससे संबंधितों को काफी नुकसान उठाना पड़ा है। हाथियों द्वारा फसल रौंदे जाने से ग्रामीणों में काफी आक्रोश है। उधर कटघोरा वनमंडल के एतमानगर रेंज में भी हाथी समस्या जारी है। यहां के पचरा जंगल में 53 की संख्या में हाथी विगत कई दिनों से डेरा डाले हुए हैं। हाथियों का यह दल रात होते ही ग्रामीणों के खेतों में पहुंचता है और वहां तैयार धान की फसल को रौंदने के साथ तहस-नहस कर देता है जिससे ग्रामीणों को लगातार नुकसान हो रहा है।

बीती रात हाथियों के इस दल ने फिर पचरा व आसपास के गांव में पहुंचकर बड़ी मात्रा में धान की फसल को चौपट कर दिया। जिसकी जानकारी पीडित ग्रामीणों द्वारा वन विभाग को दिए जाने पर उसके अधिकारी व कर्मचारी आज सुबह मौके पर पहुंचे और रात में हाथियों द्वारा किए गए नुकसानी का आंकलन करने के साथ रिपोर्ट तैयार की।

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