एक साथ 8 नक्सलियो ने सरेंडर किया, संगठन को बड़ा झटका लगा

रायपुर/ गरियाबंद। छत्तीसगढ़ में नक्सली संगठन को लगातार झटका का सामना करना पड़ रहा है। एक बार फिर गरियाबंद जिले में नक्सली संगठन को बड़ा झटका लगा है। यहां एक साथ 8 नक्सलियो ने सरेंडर कर दिया है।
मिली जानकारी के अनुसार, सभी नक्सली हथियार के साथ SP कार्यालय पहुंचे, जहां सभी ने एसपी के सामने सरेंडर किया। इस दौरान एसपी ने सभी सरेंडर नक्सलियों से हाथ मिलाकर उनका स्वागत किया। जिसके बाद अब इस मामले को लेकर एसपी कुछ देर में प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे।
आपको बता दें कि बीते दिनों कुल 210 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया, जिनके पास से 153 हथियार बरामद हुए हैं। यह अब तक की सबसे बड़ी सामूहिक आत्मसमर्पण कार्रवाई मानी जा रही है। इसके साथ ही अबूझमाड़ क्षेत्र लगभग नक्सल मुक्त घोषित किया जा सकता है, और उत्तर बस्तर से लाल आतंक का अध्याय समाप्त होने जा रहा है।

दूसरी ओर इससे पहले मध्यप्रदेश के बालाघाट जिले में एक महिला नक्सली ने इंसास राइफल और तीन मैगजीन के साथ आत्मसमर्पण किया है। इस आत्मसमर्पण के बदले उसे कुल 4 लाख 10 हजार रुपये का इनाम दिया गया है। महिला नक्सली से मिली अहम जानकारी को पुलिस मुख्यालय भोपाल भेजा जा रहा है, जहां राज्य स्तरीय कमेटी उसके आत्मसमर्पण पर अंतिम फैसला लेगी।
6 महीने ली नक्सली ट्रेनिंग
छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले की रहने वाली 22 वर्षीय सुनीता, जो एरिया कमेटी मेंबर थी और जिस पर 14 लाख रुपये का इनाम घोषित था, ने शनिवार देर रात लांजी थाने के पितकोना पुलिस चौकी के चौरिया कैंप में आत्मसमर्पण किया। उसने 2022 में नक्सली संगठन से जुड़कर 6 महीने का प्रशिक्षण लिया था।
कुल मिलाकर मिला 4 लाख का इनाम
आत्मसमर्पण नीति के तहत, सुनीता को तुरंत 50 हजार रुपये की आर्थिक मदद दी गई। इसके अलावा, इंसास राइफल के लिए साढ़े तीन लाख रुपये और तीन मैगजीन के लिए दस हजार रुपये का इनाम दिया गया है। इस तरह कुल मिलाकर उसे 4 लाख 10 हजार रुपये का इनाम मिला है।
पूछताछ में मिली महत्वपूर्ण जानकारी
सुनीता से पूछताछ के दौरान नक्सली संगठनों के बारे में कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिली हैं। इस जानकारी के साथ उसके आत्मसमर्पण का प्रस्ताव पुलिस मुख्यालय भोपाल भेजा जा रहा है। वहां डीजी इंटेलिजेंस की अध्यक्षता वाली राज्य स्तरीय कमेटी उसके आत्मसमर्पण पर अंतिम निर्णय लेगी।
कड़ी सुरक्षा में महिला नक्सली
फिलहाल, महिला नक्सली को पुलिस की कड़ी सुरक्षा में रखा गया है। बालाघाट के पुलिस अधीक्षक आदित्य मिश्रा ने बताया कि उसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी उनकी स्वयं की है।
