मिशन कंपाउंड में अतिक्रमण और अवैध निर्माण का सिलसिला जारी, नगर निगम क्षेत्र बना अवैध कब्जा करने वालों के लिए स्वर्ग

कोरबा 8 नवंबर। नगर पालिका निगम कोरबा क्षेत्र में बेजा कब्जा की शिकायतें लगातार बढ़ रही है। पूरे क्षेत्र में जगह-जगह अतिक्रमण किए जा रहे हैं। इन पर रोक लगाने की चिंता ना तो नगर निगम को है और ना ही राजस्व और नजूल विभाग को।
ताजा मामला राताखार क्षेत्र का है, जहां मिशन कंपाउंड में शनिवार को खुलेआम बेजा कब्जा होता नजर आया। शनिवार 8 नवंबर को बड़ी संख्या में लोग जमीन पर बेजा कब्जा करते दिखाई दिए। इसी स्थान पर शनिवार और रविवार की छुट्टी का लाभ उठा कर अवैध निर्माण कार्य भी किया जाता नजर आया। देखिए वीडियो –
आपको बता दें कि यह वही स्थान है जहां पर मिशन की ओर से अपने मलिक आना हक का दावा किया गया है और दूसरी ओर यहां की जमीन को शासकीय बात कर अग्रवाल सभा कोरबा और सिंधी पंचायत कोरबा को आवंटित किया गया है और गत माह बंदूक के साए में दोनों समाजों को जमीन पर कब्जा दिलाया गया था। मौके पर बड़ी संख्या में हरे भरे पेड़ों को अवैध रूप से ढहा देने तथा रॉकेट की गति से जमीन की घेराबंदी के लिए निर्माण कार्य किए जाने की कवायद की जा रही है।

नगर निगम क्षेत्र में जहां शहर के मुख्य मार्ग में और प्रमुख जगहों पर सड़क किनारे गुमटी लगाकर बड़ी संख्या में लोगों ने बेजा कब्जा कर रखा है, वहीं विभिन्न वार्डों में टेंपरेरी घेरा डालकर और प्लास्टिक आदि का शेड बनाकर अवैध कब्जा किया जा रहा है।
कुछ माह पहले नगर निगम और यातायात पुलिस ने राताखार में नहर किनारे किए गए अवैध कब्जा को हटाया था। लेकिन अब धीरे-धीरे फिर नहर किनारे भेजो कब्जा होता जा रहा है। महाराणा प्रताप चौक बुधवारी में एस ई सी एल तिराहा की ओर आने वाले मार्ग पर सड़क किनारे दोनों दिशाओं में घूमती रखकर और घेरा डालकर लोगों ने बड़ी तादाद में बेजा कब्जा कर लिया है। श्रीवास समाज के अंजनी कुंज में पूर्व में दुकानें बनाई गई थी। यह दुकानें बाउंड्री वॉल के भीतर थी और इनका शटर बाउंड्री वॉल के बराबर रखा गया था। लेकिन हाल के दिनों में इनमें से कई दुकानों के सामने 8 – 8 फीट तक बेजा कब्जा कर पक्का निर्माण कार्य कर लिया गया है। अंजनीकुंज और बांस टाल के बीच में अतिक्रमण की भूमि पर भी एक बड़ा पक्का निर्माण कार्य कराया जा रहा है। इसी मार्ग पर पेट्रोल पंप के निकट एक गेराज है जिसने करीब 40 फीट जमीन पर सड़क के किनारे तक कुछ माह पहले चुनाव के दौरान अतिक्रमण कर लिया है। उसके बगल में एक अन्य टायर दुकान है इसके संचालक ने भी पुराने अवैध कब्जा के सामने 30 से 40 फीट जमीन पर सड़क तक अतिक्रमण कर लिया है। इसी मार्ग पर नेहरू नगर से लेकर प्रेस क्लब तिलक भवन तक रेलवे लाइन के किनारे किनारे बड़ी संख्या में लोगों ने गुमटी रखकर कब्जा कर लिया है। इस मार्ग पर तो सीएसईबी के बाउंड्री वॉल के भीतर भी मंदिर जैसा निर्माण कार्य कर इसकी आड़ में बड़े भूभाग पर अतिक्रमण कर लिया गया है। इस हरित क्षेत्र में पेड़ों को काटकर लगातार अतिक्रमण का विस्तार किया जा रहा है। अनेकों पेड़ों को काटकर बाकायदा टैक्सी स्टैंड बना लिया गया है। कबाड़ गाड़ियों को एक बड़े हिस्से में खड़ा कर दिया गया है और उसकी आड़ में अतिक्रमण कर लिया गया है। इसी तरह सड़क की दूसरी दिशा में भी पक्की दुकानों का निर्माण कर लिया गया है और विभिन्न व्यवसाय संचालित किया जा रहे हैं।
इसी कड़ी में गौ माता चौक सीतामढ़ी के आसपास भी बड़ी संख्या में लोगों ने भेजा कब्जा कर निर्माण कार्य कर लिया है। गौ माता चौक से ऊर्जा की ओर जाने वाले रास्ते में नहर के किनारे किनारे पेड़ों के बीच अस्थाई ढांचा खड़ा कर अवैध कब्जा कर लिया गया है। गौ माता चौक के आसपास लगभग 50 अवैध निर्माण कार्य कर लिए गए हैं।

एक अन्य जानकारी के अनुसार ढेंगुर नाला से लेकर रिसदी चौक तक सड़क किनारे दोनों दिशाओं में बेस कीमती सरकारी जमीन पर लगातार कब्जा किया जा रहा है। बताया तो यह भी जाता है कि नगर निगम क्षेत्र के झुग्गी बस्तियों में बड़ी संख्या में बाहरी लोग लगातार अतिक्रमण कर रहे हैं। राताखार बस्ती में एक समुदाय विशेष के लोगों ने बड़ी संख्या में अतिक्रमण कर पक्के निर्माण कार्य कर लिए हैं। राताखार में लगभग 150 एकड़ भूमि पर अतिक्रमण होना बताया जाता है। इनमें से अनेक लोगों ने कुटरचित दस्तावेज भी तैयार कर लिए हैं।
कोरबा नगर निगम क्षेत्र में लगातार बाहरी लोगों के द्वारा किए जा रहे अतिक्रमण से शहर वासी चिंता ग्रस्त होते जा रहे हैं। परंतु नगर निगम कोरबा, राजस्व विभाग और नजूल विभाग को नगर क्षेत्र में बढ़ते अतिक्रमण की कोई चिंता या परवाह नहीं है। दबे जुबान से लोग तो यह भी कहते हैं की सरकारी मुलाजिमों की शह पर ही संपूर्ण क्षेत्र में ही नहीं बल्कि पूरे जिले में अतिक्रमण का सिलसिला निर्बाध गति से जारी है। जिले के वन क्षेत्र में भी सैकड़ो गैर प्रांतीय लोगों ने जंगल को काटकर अतिक्रमण कर लिया है। खास रिसदी चौक से बरबसपुर ऊरगा तक सैकड़ो एकड़ शासकीय जमीन पर और वन विभाग की जमीन पर बड़े-बड़े लोगों ने अवैध कब्जा कर लिया है और राजस्व विभाग की मिली भगत से उनके दस्तावेज भी अपने हक पर तैयार कर लिए हैं। अरबो रूपयों की शासकीय जमीन की अफरा तफरी को लेकर जिला प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई नहीं किया जाना संदिग्ध प्रतीत होता है।
