डांगी गए छुट्टी पर, मुख्यालय में अटैच किए जाने की सरगर्म चर्चा

रायपुर। एक महिला की शिकायत के बाद सुर्खियों में आए 2003 बैच के आईपीएस रतन लाल डांगी को महानिदेशक पुलिस अकादमी चंद्रखुरी के पद से हटाकर पुलिस मुख्यालय में अटैच करने पर सरकार विचार कर रही है। इस बीच खबर आ रही है कि आईपीएस डांगी छुट्टी पर चले गए हैं। डांगी की जगह अभिषेक पल्लव को पुलिस अकादमी चंदखुरी का डायरेक्टर बनाए जाने के संकेत हैं।
बता दें कि चार दिन पहले आईपीएस डांगी पर एक महिला ने यौन शोषण का आरोप लगाया था। जिसकी विभागीय जांच चल रही है। अब इस मामले में शासन ने संज्ञान लेते हुए शासन उन्हें पुलिस मुख्यालय में अटैच करने पर विचार कर रही है।
इधर, इस मामले में जांच की कार्रवाई शुरू हो गया है। जांच अधिकारी डॉ आनंद छाबड़ा और मिलना कुर्रे ने इस मामले में दोनों पक्ष को नोटिस जारी किया है। आईजी डांगी और आरोप लगाने वाली महिला को पुलिस मुख्यालय आकर पक्ष रखने को कहा गया है।
इस मामले में आईजी रतनलाल डांगी ने कहा कि उन्होंने इस मामले में डीजीपी को पहले शिकायत की थी। उन्होंने इस मामले में कार्रवाई का अनुरोध किया था। जिसके बाद महिला ने उनके खिलाफ यौन शोषण का आरोप लगाया है।
शिकायतकर्ता ने बताया कि वर्ष 2017 में रतनलाल डांगी से उसकी जान-पहचान सोशल मीडिया के ज़रिए हुई। उस समय डांगी कोरबा जिले के एसपी थे। बातचीत का सिलसिला बढ़ा और दोनों के बीच लगातार संपर्क बना रहा।डांगी के दंतेवाड़ा एसपी रहते हुए पीड़िता उन्हें वीडियो कॉल पर योग सिखाया करती थी। इसके बाद जब डांगी का तबादला राजनांदगांव हुआ, तब भी संपर्क जारी रहा। महिला का आरोप है कि जब डांगी सरगुजा रेंज के आईजी बने, तो उन्होंने मानसिक और भावनात्मक उत्पीड़न शुरू कर दिया। आरोपों के मुताबिक, बिलासपुर आईजी बनने के बाद यह उत्पीड़न और बढ़ गया।
पीड़िता का आरोप है कि रतनलाल डांगी अपनी पत्नी की अनुपस्थिति में उसे सरकारी बंगले पर बुलाते थे। शिकायत में कहा गया है कि डांगी ने चंदखुरी स्थित पुलिस प्रशिक्षण अकादमी में पदस्थ होने के बाद भी वीडियो कॉल्स के ज़रिए संपर्क बनाए रखा और लगातार परेशान किया। महिला ने बताया कि डांगी सुबह पांच बजे से लेकर रात दस बजे तक वीडियो कॉल पर बातचीत के लिए दबाव डालते थे। इन घटनाओं से परेशान होकर उसने पुलिस मुख्यालय और उच्चाधिकारियों को विस्तृत शिकायत भेजी।
दूसरी ओर, आईपीएस रतनलाल डांगी ने आरोपों को लेकर पहले ही डीजीपी को शिकायत की थी। उन्होंने डीजीपी अरुण देव गौतम को एक 14 बिंदुओं वाली विस्तृत चिट्ठी लिखकर ब्लैकमेलिंग की शिकायत की थी। इस पत्र में डांगी ने शिकायतकर्ता महिला और उसके सहयोगियों पर ब्लैकमेलिंग, मानसिक प्रताड़ना और आपराधिक धमकी जैसे आरोप लगाए हैं। वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, इस मामले में पूर्वाग्रह रहित जांच की जा रही है। जांच टीम को सभी डिजिटल साक्ष्य, कॉल डिटेल्स और सीसीटीवी फुटेज की जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। विभागीय सूत्रों का कहना है कि यदि आरोप सत्यापित होते हैं, तो यह छत्तीसगढ़ पुलिस सेवा में अब तक के सबसे गंभीर मामलों में से एक माना जाएगा।
