श्यांग पुलिस थानाः साढ़े नौ माह में सिर्फ 52 अपराध, जागरूकता स्तर बढ़ाने की जरूरत

कोरबा 15 अक्टूबर। औद्योगिक जिले कोरबा में अधिकांश थाना क्षेत्रों में अलग-अलग प्रकार के अपराध का सिलसिला जारी है। इनके पीछे विभिन्न प्रकार के कारण सामने आते रहे हैं। इन सबके बीच ग्रामीण क्षेत्र का श्यांग थाना इस मामले में सबसे अलग है, जहां इस वर्षा साढ़े नौ महीने के अंतराल में अपराधों की कुल संख्या दहाई में है। अब तक दैनिक अपराध पंजी में यह संख्या महज 52 पहुंची है।

लंबे समय से श्यांग इलाके का संबंध दूसरे थाने से रहा और उस इलाके में होने वाली किसी भी तरह की घटना की रिपोर्ट दर्ज कराने से लेकर आगे की अनुसंधान की प्रक्रिया में कई प्रकार की दिक्कतें होती थी। व्यवहारिक कठिनाईयों को ध्यान में रखते हुए जिला पुलिस ने प्रदेश को प्रस्ताव भेजा। सभी पहलुओं पर ध्यान देते हुए आखिरकार यहां पुलिस थाना की स्थापना वर्ष 2016 में की गई। इस थाना के अंतर्गत एक निरीक्षक, दो उप निरीक्षक, दो सहायक उप निरीक्षक और 40 आरक्षक का सेटअप है, लेकिन इनके मुकाबले उपलब्ध संख्या इतनी नहीं है। पुलिस थाना को 27 गांव की जिम्मेदारी दी गई है जो इसमें शामिल किए गए हैं।

श्यांग पुलिस थाना जिला मुख्यालय से लगभग 80 किलोमीटर दूर है जो हरियाली से आच्छादित है। थाना मुख्यालय के साथ-साथ इसके दायरे में आने वाला इलाका जंगलों से घिरा है और मुख्य रूप से ग्रामीण आबादी की उपस्थिति यहां पर बनी हुई है। इस थाना के खुलने से अनेक मामलों में पुलिस की कठिनाईयां कुछ कम हुई है। लोगों को थोड़ी बहुत राहत पूर्व की तुलना में मिली है। जानकारी मिली कि ग्रामीण क्षेत्र काफी शांत है और अगर कुछ अपवादों को छोड़ दिया जाए तो सामान्य और अन्य कारण से छिटपुट अपराध आसपास में होते हैं। इस वर्ष अब तक हत्या के दो, दुष्कर्म के दो मामले यहां पर दर्ज हुए हैं। शेष में आबकारी, चोरी और अन्य स्तर के मामले हैं। बताया गया कि बीते वर्ष भी आपराधिक घटनाओं का ग्राफ कमोबेश ऐसा ही रहा।

छत्तीसगढ़ को मार्च 2026 तक नक्सल मुक्त बनाने के लिए सरकार ने निर्देश दिए हैं। इसके अंतर्गत कार्ययोजना बनाई गई है और क्रियान्वयन शुरू किया गया है। प्रदेश में एक समय ऐसा था जब बस्तर से लेकर सरगुजा और एमपी के बालाघाट से लगते प्रदेश के कवर्धा और कोरबा जिले के सरगुजा के सीमावर्ती कुछ इलाकों में नक्सल मूव्हमेंट को लेकर लगातार खबरें आती रही। इसे लेकर पुलिस की चुनौती बढ़ी हुई थी। सरकार तक इसकी रिपोर्टिंग हुई और तमाम तरह की चिंता को ध्यान में रखते हुए श्यांग में थाना की स्वीकृति के साथ भारी-भरकम बल मंजूर किया गया। वर्तमान में उपलब्ध बल को लेकर कयास लगाया जा रहा है कि स्थिति की अनुकूलता के कारण इसमें कटौती की गई है।

थाना क्षेत्र के अंतर्गत लव अफेयर्स से संबंधित इक्का-दुक्का मामले अब तक आए हैं। समझ की कमी से जुड़ी चीजें पूछताछ और घटनाक्रम को लेकर सामने आई। जागरूकता का अभाव इसके पीछे की वजह है। जबकि सामाजिक बुराईयों के कारण अन्य अपराध होते हैं लेकिन इनकी संख्या नगण्य है। उम्मीद की जा रही है कि समय के साथ लोगों की चेतना में कुछ परिपक्वता आएगी।
विनोद सिंह, थाना प्रभारी श्यांग

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