दो कफ सिरप और मिले खतरनाक, MP में रोक लगाने की प्रक्रिया प्रारंभ

भोपाल। मध्य प्रदेश की फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन की जांच रिपोर्ट में गुजरात निर्मित “री लाइफ” और “रेस्पिफ्रेस टीआर” कफ सिरप में खतरनाक डायएथिलीन ग्लायकॉल की अधिक मात्रा पाई गई है।

◆ इन दोनों सिरपों पर तत्काल रोक लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इससे पहले 16 बच्चों की मौत का मामला सामने आया था।

◆ सरकार ने जांच तेज कर दी है और SIT गठित की है, जो दोषियों की जवाबदेही तय करेगी।

आपको बता दें कि इससे पहले मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में कोल्ड्रिफ कफ सिरप से जुड़ी 11 बच्चों की मौत के बाद प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई की। शनिवार देर रात डॉक्टर प्रवीण सोनी को गिरफ्तार कर लिया गया, जिन्होंने मृतकों में अधिकांश बच्चों को यह सिरप लिखा था। इससे पहले शनिवार को परासिया थाने में डॉक्टर सोनी और कोल्ड्रिफ सिरप बनाने वाली एसरेसन फार्मास्यूटिकल्स के संचालकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। कोल्ड्रिफ कफ सिरप रोक लगा दी गई है।

केस ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट की धारा 27(A), बीएनएस की धारा 105 और 276 के तहत दर्ज किया गया। परासिया सीएचसी के बीएमओ अंकित सहलाम की शिकायत पर यह कार्रवाई हुई। लैब रिपोर्ट में पाया गया कि कोल्ड्रिफ कफ सिरप में डायएथिलीन ग्लाइकोल (DEG) की मात्रा 48.6% थी, जो स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा करती है।

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