कोल कॉन्ट्रेक्ट वर्कर्स को भरोसा, बोनस दिलाने होगी भरपूर प्रयास

कोरबा 29 सितंबर। कोल सेक्टर के नियमित कर्मियों को आखिरकार दशहरा से पूर्व बोनस का रास्ता साफ हो गया। इसके लिए जतन करना पड़ा। कोरबा जिले की कोयला खदानों में काम कर रहे कॉन्ट्रेक्ट वर्कर्स को इस बात का भरोसा दिया गया है कि उन्हें भी दशहरा बोनस दिलाने के लिए भरपूर प्रयास किया जाएगा।
गेवरा परियोजना के मेंन गेट श्रमिक चौक में संयुक्त मोर्चा के तत्वाधान पर हिन्द खदान मजदूर फेडरेशन ने गेवरा क्षेत्र के विभागीय एवं ठेकेदारी मजदूर को बोनस हेतु संघर्ष में सहयोग प्रदान करने पर खुशी जताई गई। विभागीय एवं ठेकेदारी मजदूरों को सम्मानजनक बोनस के लिए बधाई दिए और विश्वास दिलाए कि ठेकेदारी मजदूरों को भी पूजा बोनस अवश्य मिलेगा। अगर ठेकेदारी मजदूरों को बोनस नहीं दिया तो उन्हें बोनस दिलाने के लिए संघर्ष करेंगे। संयुक्त श्रमिक संगठन आपके साथ कंधे से कंधा मिलाकर आपके बोनस के लिए संघर्ष करेंगे। हिंद खदान मजदूर फेडरेशन के महामंत्री हरभजन सिंह सिद्धू के आह्वान में को पुरे कोल सेक्टर में एचएमएस संगठन व अन्य संगठनों के द्वारा किया गया गेट मीटिंग व धरना प्रदर्शन मिल का पत्थर साबित हुआ और प्रबंधन को बोनस की बैठक करनी पडी। आज पुनरू हिन्द खदान मजदूर फेडरेशन के माननीय महामंत्री के द्वारा कोल कर्मचारियों को धन्यवाद एवं आभार व्यक्त किया। सभी श्रमिक संगठनों ने ठेकेदारी मजदूर को संघर्ष में शामिल होने को लेकर कहा कि इसी प्रकार के प्रयासों से कई मामलों में अच्छे परिणाम हासिल हो सकते हैं। कोल कर्मचारियों को सम्मानजनक बोनस मिलने का श्रेय मजदूरों की एकता को मिला।
कुसमुंडा व मानिकपुर में विरोध
साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड की कुषमुंडा और मानिकपुर कोल माइंस में कांट्रैक्ट वर्कर्स ने बोनस की मांग को लेकर आज जमकर विरोध प्रदर्शन किया। उनका कहना था कि खदान से संबंधित गतिविधियों में उनकी भूमिका भी बराबर दर्ज हो रही है। यह बात अलग है कि मैं आउटसोर्सिंग कंपनियों के अंतर्गत नियोजित हैं लेकिन काम तो माइंस में हीं कर रहे है। उन्होंने कलिंगा सहित सभी प्राइवेट कंपनियों में वहां के कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स को बोनस देने की मांग को मजबूती दी। है कि जब दूसरी कंपनियों में इस प्रकार की व्यवस्था है तो साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड के अंतर्गत काम करने वाली कंपनियां उनसे अलग कैसे हो सकती हैं।
