बोनस भुगतान को लेकर पशोपेश में ट्रेड यूनियन, कोयलांचल गेवरा-दीपका में किया प्रदर्शन

कोरबा 24 सितंबर। आज प्रातः 8 बजे दीपका क्षेत्र के श्रमिक चौक पर संयुक्त ट्रेड यूनियन के तत्वावधान में जोरदार प्रदर्शन किया गया। यूनियनों ने आरोप लगाया कि कोल इंडिया प्रबंधन द्वारा बोनस भुगतान को लेकर अनावश्यक पत्रबाजी और बहानेबाजी की जा रही है, जिसके चलते दुर्गा पूजा पूर्व मिलने वाला बोनस इस बार अब तक जारी नहीं किया गया है। प्रदर्शन में दीपका क्षेत्र की संयुक्त सलाहकार समिति के सभी सदस्य एवं बड़ी संख्या में कर्मचारी शामिल हुए।
उन्होंने प्रबंधन के खिलाफ बुलंद नारेबाजी की और चेतावनी दी कि यदि जल्द से जल्द बोनस का भुगतान नियमित कोयला कर्मचारियों और ठेका मजदूरों को नहीं किया गया तो उत्पादन और उत्पादकता बाधित की जाएगी। सभी यूनियन ने यह भी स्पष्ट किया कि यह विरोध केवल दीपका क्षेत्र या एसईसीएल तक सीमित नहीं है, बल्कि आज पूरे कोल इंडिया में संयुक्त रूप से विरोध दर्ज कराया गया। साथ ही उन्होंने मांग रखी कि जब तक बोनस का मामला न्यायालय के विचाराधीन है, तब तक अंतरिम राहत स्वरूप प्रत्येक कर्मचारी के खाते में 1,25,000 रुपए की राशि तुरंत जमा की जाए।
कल अन्य क्षेत्रों में करेंगे प्रदर्शन
बोनस को लेकर दिल्ली में होने वाली बैठक नहीं हो पाई। अब कोयला कामगार एडवांस बोनस की मांग कर रहे हैं। इसको लेकर कल अलग-अलग एरिया में प्रदर्शन होंगे। कोरबा एरिया सीजीएम कार्यालय के सामने संयुक्त मोर्चा के तत्वाधान में कोयला कामगार प्रदर्शन करेंगे। इस दौरान केंद्रीय अध्यक्ष गोपाल नारायण सिंह, सुभाष सिंह, अनूप सरकार, मनीष सिंह सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहेंगे।
कल कुसमुंडा एरिया में भी संयुक्त मोर्चा के द्वारा प्रदर्शन किया जाएगा। जिसकी तैयारी जोर-शोर से की जा रही है। यहां पर सॉजी जॉन, अमिया मिश्रा, राहुल वर्मा, हिरेंद्र चंद्रा, एनके सिंह, राजू सोनी सहित अन्य कार्यकर्ता प्रदर्शन करेंगे। जबकि आज शाम को केंद्रीय कर्मशाला गेवरा में प्रदर्शन होगा। जिसकी तैयारी विकास शुक्ला, बीएल खूंटे, एलपी चंद्रा, मुकुल कर्ष के द्वारा की जा रही है। इस संबंध में एसईकेएमसी के केंद्रीय अध्यक्ष गोपाल नारायण सिंह ने बताया कि पिछले दिनों स्टेरिंग कमेटी की बैठक बिलासपुर में हुई थी। जिसमें पहले से ही मांग रखा गया था कि बोनस इस बार एडवांस में कोयला कामगारों को मिलना चाहिए। अब सभी एरिया में दबाव बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
