जेसीबी दुर्घटना मामलाः एनीकट तक बहकर आया चालक का शव

कोरबा 20 सितंबर। हसदेव बांगो परियोजना की दायी तट नहर के किनारे काम के दौरान एकाएक अनियंत्रित हुई जेसीबी के दुर्घटनाग्रस्त होने के मामले में लापता चालक को तीसरे दिन मृत स्थिति में प्राप्त किया गया। उसका शव देवरमाल से बहकर रीवापर एनीकट पहुंच गया था। उरगा पुलिस ने इस मामले में मर्ग कायम करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
इस घटनाक्रम को लेकर छत्तीसगढ़ आपदा प्रबंधन बल के द्वारा लगभग 36 घंटे तक रेस्क्यू ऑपरेशन पर काम किया गया लेकिन किसी प्रकार की सफलता उसे क्षेत्र में नहीं मिली, जहां लापता की खोज की जा रही थी। गुरुवार को अमृत पटेल देवरमाल में सडक के किनारे काम कर रहा था, जिसके नजदीक से नहर बहती है। लगातार बारिश के कारण सडक के आसपास के हिस्से में नमी थी और फिसलन भी। घटना को लेकर जो वीडियो सामने आए उसमें देखा गया कि जेसीबी के मूवमेंट के समय चालक नियंत्रण नहीं कर सका और वाहन नहर के हवाले हो गया। आसपास में मौजूद कुछ लोगों ने इस नजारे को अपने मोबाइल पर कैद किया और उन्हीं के जरिए घटना की सूचना पुलिस के साथ-साथ प्रशासन तक पहुंची। शीघ्रता से इस मामले को लेकर रजिस्ट्री ऑपरेशन शुरू किया गया लेकिन नहर में पानी की मात्रा बहुत ज्यादा होने से कोई खास परिणाम नहीं आ सके जबकि दूसरे दिन वाहन में गिरे जेसीबी को निकाला जा सका।
घटना के तीसरे दिवस मृत चालक पटेल की डेड बॉडी रीवापर गांव स्थित जल संसाधन विभाग के यानिकट में मिली है। पुलिस चौकी प्रभारी राजेश तिवारी ने बताया कि मृतक का शव प्राप्त होने पर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धाराओं में मर्ग कायम किया गया है और उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
