चाचा ने किया रिश्ते को बदनाम, नाबालिग भतीजी को बनाया हवस का शिकार, DK हॉस्पिटल नर्सिंग होम में फूल सी बच्ची ने खोली आंख, अस्पताल पर भी कस सकता है कानून का शिकंजा

चाचा ने किया रिश्ते को तार-तार, नाबालिग भतीजी को बनाया हवस का शिकार, नर्सिंग होम में फूल सी बच्ची ने खोली आंख

कोरबा। रिश्ते में सगे चाचा ने अपनी ही नाबालिग भतीजी को हवस का शिकार बना लिया। दो दिन पहले एक नर्सिंग होम में बिन ब्याही मां ने एक फूल सी बच्ची को जन्म दिया। अब पत्नी की रिपोर्ट पर युवक के खिलाफ पुलिस ने अनाचार और पाक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया है।

उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिला में दूधी थाना क्षेत्र का निवासी अशोक (35 वर्ष) अपनी पत्नी सुषमा के साथ कोरबा में किराए के मकान में रहता है। दस साल पहले उसने सुषमा (32 वर्ष) से चूड़ी प्रथा से विवाह किया था। लेकिन उसकी कोई संतान नहीं है। पिछले पांच वर्ष से वह अपने बड़े भाई की बेटी को अपने पास ले आया है।

पुलिस में दर्ज रिपोर्ट के अनुसार अशोक ने अक्टूबर 2024 में अपनी करीब 16 वर्षीय भतीजी सरिता (बदला हुआ नाम) से पहली बार शारीरिक संबंध बनाया। इसके बाद लगातार उसका दैहिक शोषण करता रहा। नतीजतन वह गर्भवती हो गई। करीब दो माह पहले अशोक की पत्नी को इस बात की जानकारी हुई। मगर लोकलॉज के भय से उसने मामले में चुप्पी साध ली।

गत 9 सितम्बर को नाबालिग सरिता ने यहां एक निजी नर्सिंगहोम डी. के. हॉस्पिटल में एक फूल सी बच्ची को जन्म दिया। सब कुछ ठीकठाक चल रहा था कि नाबालिग के मां बनने की खबर वार्डवासियों को हो गई। गत 11 सितम्बर की शाम वार्ड के लोग बड़ी संख्या में नर्सिंग होम पहुंच गए। इसी बीच मीडिया के कुछ लोग भी खबर पाकर मौके पर पहुंच गए। मामले ने तूल पकड़ा तब 12 सितम्बर 2025 को अशोक की पत्नी सुषमा ने सिटी कोतवाली में अपने पति के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराया। पुलिस ने धारा 64 (2) (च) (ड) 65 (1) BNS और 04, 06 पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच प्रारम्भ कर दी है। सब इंस्पेक्टर सुश्री शारदा वर्मा मामले की जांच कर रही है।

यहां उल्लेखनीय तथ्य यह भी है कि इस मामले में डी. के. हॉस्पिटल ने भारी अनियमितता बरती है। प्रारम्भिक रूप से जो जानकारी मिली है, उससे प्रतीत होता है कि हॉस्पिटल के खिलाफ भी BNS और नर्सिंग होम/ मेडिकल एक्ट के तहत कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

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