चंद्रनाथ रथ की योजनाबद्ध तरीके से की गई हत्या, तेज हुई राजनीति

कोलकाता. पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को हराने वाले सुर्वेद अधिकारी के निजी सहायक (पीए) चंद्रनाथ रथ की हत्या के बाद से राजनीति तेज है। पुलिस के मुताबिक हमलावरों ने योजनाबद्ध तरीके से हत्या को अंजाम दिया। चंद्रनाथ चुनाव में नंदीग्राम और भवानीपुर सीटों पर सुवेंदु की चुनावी रणनीति और प्रबंधन में अहम भूमिका निभा रहे थे।

परिवार का जुड़ाव पहले टीएमसी से था

उन्होंने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति -लेकर वायुसेना छोड़ी और कॉरपोरेट सेक्टर में काम किया। धीरे-धीरे वह राजनीतिक संगठनात्मक कार्यों जिम्मेदारियों से जुड़ गए। उनका परिवार पहले टीएमसी से जुड़ा रहा। उनकी मां हासी रथ टीएमसी शासन के दौरान पूर्व मेदिनीपुर में स्थानीय पंचायत संस्था में पद पर रह चुकी थीं। बाद में 2020 में वह भी सुवेंदु अधकारी के साथ भाजपा में शामिल हो गईं।

वायुसेना में रहे, फिर राजनीति में आए

चंद्रनाथ रथ (41) पूर्व मेदिनीपुर जिले के चांदीपुर इलाके के रहने वाले थे। यही इलाका सुवेंदु अधिकारी के राजनीतिक उभार का केंद्र माना जाता है। उन्होंने अपनी पढ़ाई रामकृष्ण मिशन से की थी। करीब 20 साल तक वायुसेना में कार्यरत रहे। मिशन में पढ़ाई के दौरान वह संस्था के आध्यात्मिक विचारों से काफी प्रभावित थे और एक समय उन्होंने साधु बनने पर भी विचार किया था।

2019 में सुवेंदु से जुड़े

चंद्रनाथ 2019 के आसपास सुवेंदु की टीम में शामिल हुए, जब वह ममता सरकार में मंत्री थे। वह सुवेंदु की चुनावी रणनीतियों का हिस्सा थे।

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