पुलिस निरीक्षक मंजूषा पांडेय का निधन, विभाग में गहरा शोक

रायपुर: 2008 बैच की महिला निरीक्षक मंजूषा पांडे का रायपुर में इलाज के दौरान निधन हो गया। वे लंबे समय से कैंसर रोग से जूझ रही थी। बालको कोरबा में टीआई रहते हुए मंजूषा पांडे ने कई उल्लेखनीय कार्य किए थे।
हरदीबाजार कोरबा के थाना प्रभारी मृत्युंजय पांडे की धर्मपत्नी मंजूषा पांडे के निधन की खबर से उनके शुभचिंतकों, परिजनों, मित्रो, पुलिस विभाग सहित अंचल में शोक व्याप्त है।
मंजूषा ने बालको थाना प्रभारी के रूप में अपनी प्रशासनिक क्षमता का परिचय दिया। उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि कोरबा के जिला मेडिकल कॉलेज से एक दुधमुंहे बच्चे के अपहरण मामले को सुलझाना था। उनकी तत्परता से बच्चा सकुशल बरामद हुआ था। इस सफल ऑपरेशन के बाद वे कोरबा में लोकप्रिय अधिकारी बन गईं।
रायगढ़ की रहने वाली थीं मंजूषा
मंजूषा रायगढ़ की रहने वाली थीं। उनके पति मृत्युंजय पांडे कोरबा के हरदी बाजार थाने में थाना प्रभारी हैं। दंपती का एक 9 वर्षीय बच्चा है। मृत्युंजय मूल रूप से बिलासपुर के निवासी हैं। बालको थाना प्रभारी के बाद मंजूषा परिवार परामर्श केंद्र की प्रभारी भी रहीं।
उनके निधन से छत्तीसगढ़ पुलिस विभाग में शोक की लहर है। पुलिस महानिदेशक समेत अनेक वरिष्ठ अधिकारियों ने उनके निधन पर दुख जताया है। विभाग ने इसे एक बड़ी क्षति बताया है।
