आत्मानंद विद्यालय में शिक्षकों की कमी, विद्यार्थियों का भविष्य कैसे संवरेगा

कोरबा 13 अगस्त। जिले के पंसान आत्मानंद विद्यालय में शिक्षकों की भारी कमी से नाराज छात्र-छात्राएं मंगलवार सुबह सडक पर उतर आए। उन्होंने कोरबा-पसान मुख्य मार्ग पर सुबह 7 बजे से चक्काजाम कर दिया, जिससे सडक के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।

छात्रों का आरोप है कि विद्यालय में लंबे समय से विषयवार शिक्षकों की कमी बनी हुई है, जिससे पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है। इस समस्या के समाधान के लिए वे कई बार शिकायत कर चुके हैं, लेकिन अब तक स्थिति जस की तस बनी हुई है। सुबह हुए विरोध की सूचना पर तहसीलदार और पुलिस मौके पर पहुंचे और आंदोलनकारियों को समझाने की कोशिश की, मगर छात्र अपनी मांगों पर अड़े रहे। उनका कहना था कि जब तक जिला शिक्षा अधिकारी मौके पर आकर समस्या के समाधान का भरोसा नहीं देंगे, आंदोलन जारी रहेगा।

स्थानीय लोगों ने भी छात्रों का समर्थन करते हुए कहा कि जिले के कई दूरस्थ विद्यालयों में शिक्षकों की भारी कमी है। शिक्षा विभाग को तत्काल कदम उठाकर नियुक्ति करनी चाहिए, ताकि बच्चों की पढ़ाई बाधित न हो और उनका भविष्य अंधकारमय न बने। इससे पहले भी कोरबा जिले के कई स्थानों पर शिक्षकों की कमी के अलावा दूसरे मसलों को लेक विद्यार्थियों के द्वारा प्रदर्शन किया जा चुका है। ऐसे हर मामले में आखिरकार प्रशासन को हस्तक्षेप करने की जरूरत पड़ती ही है और तब कहीं जाकर मसलों को कंट्रोल किया जाता है। सबसे बड़ी बात यह है कि कोरबा जिले में विद्यालयों की स्थिति को सुधारने के साथ-साथ वहां पर शिक्षकों की व्यवस्था करने के लिए जिला खनिज न्यास से विकल्प दिए जा रहे हैं।

सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि कोरबा जिले को केंद्र सरकार ने आकांक्षी जिलों की सूची में शामिल किया है तो फिर बार-बार यहां अलग-अलग मसलों को लेकर लोगों को प्रदर्शन करने के लिए मजबूर क्यों होना पड़ रहा है। प्रबुद्ध वर्ग का कहना है कि आत्मानंद विद्यालयों की शुरुआत अच्छी शिक्षा देने के उद्देश्य से की गई थी तो फिर यहां शिक्षकों की कमी का संकट आखिर क्यों है, इसकी समीक्षा करने के साथ स्थिति को बेहतर करने के बारे में उच्च अधिकारियों को सूचना होगा। कहां जा रहा है कि जब स्कूलों में शिक्षकों की व्यवस्था ही नहीं होगी तो फिर विद्यार्थियों के सामने ऐसे मामलों को लेकर प्रदर्शन करना ही विकल्प रह जाएगा।

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