विश्व आदिवासी दिवसः समाज ने अपनी एकजुटता और ताकत का किया ऐतिहासिक प्रदर्शन

कोरबा 10 अगस्त। विश्व आदिवासी दिवस के मौके पर शनिवार को कोरबा जिले के पाली में आदिवासी समाज ने अपनी एकजुटता और ताकत का ऐतिहासिक प्रदर्शन किया। आयोजन स्थल पर सुबह से ही पारंपरिक वेशभूषा और झंडों के साथ समाजजन पहुंचने लगे। देखते ही देखते पाली का मैदान हजारों आदिवासी भाइयों-बहनों से भर गया। अनुमान है कि 10 हजार से अधिक लोग इस कार्यक्रम में शामिल हुए।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में क्षेत्रीय विधायक और गोंडवाना गणतंत्र पार्टी (गोंगपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष तुलेश्वर मरकाम ने शिरकत की। इस अवसर पर आदिवासी समाज के विभिन्न संगठन, युवा मंडल, महिला मंडल और सांस्कृतिक दल भी मौजूद रहे।

विशाल रैली और पारंपरिक नृत्य
कार्यक्रम के तहत एक विशाल रैली का आयोजन हुआ, जिसमें आदिवासी समाजजन ढोल-मांदर की थाप पर पारंपरिक नृत्य करते हुए आगे बढ़े। रैली के दौरान आदिवासी समाज ने पुलिस और प्रशासन से शबबन्दी की मांग को लेकर नारे लगाए। समाज के वरिष्ठ नेताओं ने कहा कि आदिवासियों की परंपरा, संस्कृति और जीवनशैली को संरक्षित करना सरकार और प्रशासन की जिम्मेदारी है।

विश्व आदिवासी दिवस का महत्व
विश्व आदिवासी दिवस हर साल 9 अगस्त को दुनियाभर में मनाया जाता है। इसकी शुरुआत वर्ष 1994 में संयुक्त राष्ट्र महासभा ने की थी, ताकि मूलवासी और आदिवासी समुदायों के अधिकारों, संस्कृति और अस्तित्व की रक्षा सुनिश्चित की जा सके। यह दिवस आदिवासी समाज के लिए अपनी परंपराओं, इतिहास और अधिकारों को याद करने और आने वाली पीढ़ी को प्रेरित करने का अवसर होता है। संयुक्त राष्ट्र ने इस दिन को प्दजमतदंजपवदंस क्ंल व िजीम ॅवतसक’े प्दकपहमदवने च्मवचसमे के रूप में मान्यता दी है। दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में विशेष कार्यक्रम, चर्चाएं, रैलियां और सांस्कृतिक आयोजन होते हैं, जिनका मकसद आदिवासी मुद्दों पर जनजागरूकता फैलाना है।

आदिवासी समाज का संदेश
पाली में हुए इस आयोजन से आदिवासी समाज ने यह संदेश दिया कि वे अपनी पहचान और अधिकारों के लिए हमेशा एकजुट रहेंगे। वक्ताओं ने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और सांस्कृतिक संरक्षण के लिए सरकार को ठोस कदम उठाने होंगे।

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