रक्षा और सुरक्षा सहयोग पर वार्ता करने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल मास्को पहुंचे

मास्को. भारत और रूस के बीच रणनीतिक साझेदारी, रक्षा और सुरक्षा सहयोग पर वार्ता करने के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल मंगलवार को मास्को पहुंच गए। डोभाल की यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब अमरीकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रम्प के नेतृत्व में अमरीकी प्रशासन रूस से तेल आयात के विरोध में भारत पर 50 फीसदी का टैरिफ लगा चुका है।

उधर, डोभाल की यात्रा से पूर्व रूस के उप रक्षा मंत्री कर्नल जनरल अलेक्जेंडर फोमिन ने बुधवार को रूस में भारत के राजदूत विनय कुमार से मुलाकात की, जिसमें दोनों पक्षों ने भारत-रूस के बीच विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की। रूसी रक्षा मंत्रालय द्वारा जारी एक बयान में कहा गया है, बातचीत के दौरान दोनों पक्षों ने रक्षा क्षेत्र में द्विपक्षीय सहयोग से जुड़े समसामयिक मुद्दों पर चर्चा की। बयान में यह भी उल्लेख किया गया कि बैठक एक गर्मजोशी और मित्रता पूर्ण वातावरण में हुई, जो कि भारत-रूस संबंधों की पारंपरिक विशेषता रही है।

अब जयशंकर जाएंगे रूस

डोभाल के बाद विवेश मंत्री एस जयशंकर भी इसी महीने रूस की यात्रा करेंगे। ये दोनों यात्राएं रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की इस साल होने वाली भारत यात्रा के दौरान होने वाले शिखर सम्मेलन और चीन में 31 अगस्त से 1 सितंबर तक होने वाले एससीओ नेताओं के शिखर सम्मेलन की पृष्ठभूमि में हो रही हैं। एससीओ शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति पुतिन दोनों को आमंत्रित किया गया है।

रूस को भरोसा, कूटनीति से बन जाएगी बातः रूसी राष्ट्रपति

व्लादिमीर पुतिन के आर्थिक दूत किरिल दिमित्रिव ने कहा, उन्हें भरोसा है कि मॉस्को और वाशिंगटन कूटनीति के जरिए साझा सहमति के आधार तलाश सकते हैं।

रूस और भारत में कई साझी सुरक्षा योजनाएं:

गौरतलब है कि रूस और भारत के बीच एस-400 वायु रक्षा प्रणाली की आपूर्ति, टी-90 टैंकों और सुखोई-30 एमकेआई और ब्रह्मोस मिसाइलों के उत्पादन सहित कई परियोजनाएं जारी है।

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