भारत और फिलीपींस की नौसेनाएं पहली बार एक साथ समुद्री अभ्यास कर रही हैं, यह चीन को स्पष्ट संदेश

नई दिल्ली/ मनीला. भारत और फिलीपींस के बीच रणनीतिक और सैन्य सहयोग ने रविवार को एक नया मोड़ ले लिया। दक्षिण चीन सागर में दोनों देशों की नौसेनाएं पहली बार एक साथ समुद्री अभ्यास कर रही है, जिसे ‘मैरीटाइम कोऑपरेशन एक्टिविटी’ नाम दिया गया है। जिसके लिए भारत के तीन युद्धपोत आईएनएस दिल्ली, आईएनएस किल्टन और आईएनएस शक्ति मनीला में हैं। ये तीनों जहाज भारतीय नौसेना के ईस्टर्न फ्लीट का हिस्सा है, जिसकी कमान रियर एडमिरल सुशील मेनन संभाल रहे हैं।

रविवार से शुरू हुए युद्धाभ्यास के लिए भारत के युद्धपोत ऐसे समय में फिलीपींस पहुंचे, जब फिलीपींस के राष्ट्रपति फर्डिनेंड आर. मार्कोस जूनियर 4 से 8 अगस्त तक भारत की अपनी पहली राजकीय यात्रा पर आएंगे। दोनों देश राजनयिक संबंधों की 75वीं वर्षगांठ मना रहे हैं।

सिंगापुर में आईएनएस सतपुड़ा पहले से मौजूद

भारत और फिलीपींस के बीच इस तरह का यह पहला पूर्ण नौसैनिक सहयोग अभ्यास है। पहले भी भारतीय युद्धपोतों ने फिलीपींस का दौरा किया है, लेकिन इस बार यह सहयोग अधिक संगठित, रणनीतिक और स्थायी दृष्टिकोण से किया जा रहा है। दूसरी ओर, भारत का एक युद्धपोत आईएनएस सतपुड़ा सिंगापुर के साथ ‘सिम्बेक्स’ युद्धाभ्यास में हिस्सा ले रहा।

चीन के लिए स्पष्ट संकेत…

चीन सागर में यह युद्धाभ्यास ऐसे समय में हो रहा, जबकि, दक्षिण चीन सागर में चीन की बढ़ती दखलंदाजी को लेकर फिलीपींस समेत कई देश चिंतित हैं। फिलीपींस-चीन में समुद्री सीमा विवाद जगजाहिर है। ऐसे में भारत का यह कदम न केवल फिलीपींस को दोस्ती का संदेश है, बल्कि चीन को भी अहम संकेत है।

रूस जाएंगे डोभाल और जयशंकर

उधर, अमरीकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप द्वारा रूस से तेल आयात के लिए भारत पर जुर्माना लगाने की धमकी के बीच, भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और विदेश मंत्री एस जयशंकर इस महीने मास्को की यात्रा की योजना बना रहे हैं। डोभाल महीने की शुरुआत और जयशंकर अगस्त के मध्य में जाएंगे।

Spread the word