अमरीका में दुनिया का सबसे बुजुर्ग बच्चे ने लिया जन्म, जानिए क्या है-आई. वी. एफ. पद्धति..?

वाशिंगटन. अमरीका में दुनिया का सबसे बुजुर्ग बच्चे ने जन्म लिया है। सुनने में थोड़ा अजीब है, लेकिन सच है। अमरीका के ओहियो में 26 जुलाई को लिंडसे और टिम पियर्स के घर ऐसे बच्चे ने जन्म लिया है, जो 1994 में संरक्षित किए गए भ्रूण से उत्पन्न हुआ है। विश्व में इतने पुराने भ्रूण से बच्चे का जन्म पहली बार हुआ है। जिस भ्रूण से बालक थैडियस का जन्म हुआ, वह 1994 में लिंडा आर्चर्ड नाम की महिला ने रखवाया था, जिसने तब आईवीएफ के जरिए बेटी को जन्म दिया था। बाकी भ्रूण को क्लिनिक में संरक्षित कर रखा गया था। तीन दशक से इसे क्रायोजनिक प्रिजर्वेशन में तरल नाइट्रोजन में कम तापमान में जमाकर रखा गया था। 2023 में लिंडा आर्चर्ड ने अपने अप्रयुक्त भ्रूणों को किसी निस्संतान दंपती के लिए दान देने का निर्णय किया। हालांकि लिंडा चाहती थी कि भ्रूण अमरीका के किसी विवाहित कॉकेशियन, ईसाई जोड़े के काम आए। आखिर भ्रूण का मिलान ओहियो के लिंडसे और टिम पियर्स जोड़े से हुआ, जो एक दशक से बच्चे के निसंतानता से जूझ रहे थे। इसी भ्रूण से करीब 31 साल बाद आईवीएफ के जरिए लिंडसे को पुत्र की प्राप्ति हुई, जिसका नाम थैडियस रखा है।
क्या है आईवीएफ
आईवीएफ एक प्रकार का प्रजनन उपचार है, जिसमें महिला के अंडाशय से अंडे निकालकर प्रयोगशाला में शुक्राणुओं से निषेचित किया जाता है। इसके बाद भ्रूण को फिर से गर्भाशय में स्थानांतरित किया जाता है। भ्रूणों को भविष्य में उपयोग के लिए जमाकर भी रखा जा सकता है।
बहन जैसा दिखता है नवजात थैडियस
लिंडसे ने नवजात बच्चे थैडियस की तस्वीरें आर्चर्ड को भेजी। इस पर आर्चर्ड ने कहा, यह 31 साल पहले जन्मी मेरी बेटी के जैसा दिखता है। मैंने अपनी बेबी बुक निकालकर दोनों की तुलना की तो हैरान रह गई, यह बिल्कुल अपनी बहन जैसा दिखता है।
भ्रूण की उम्र को लेकर एक नई थ्योरी
विशेषज्ञों का कहना है कि यह मामला साबित करता है कि लंबे समय तक भ्रूण को जमाए रखने से उसमें गुणात्मक दृष्टि से कोई नुकसान नहीं होता, बशर्ते कि उचित संरक्षण तकनीक का पालन किया गया हो। लंबे समय से संतान सुख चाह रहे दंपतियों के लिए भी सुखद है।
