पूर्व कांग्रेस विधायक के भाई की हुई थी हत्या, तीन आरोपी गिरफ्तार

रायगढ़। जिले के लैलूंगा ब्लॉक अंतर्गत ग्राम पंचायत पाकरगांव के सचिव जयपाल सिदार की गुमशुदगी के मामले में पुलिस ने गंभीर जांच के बाद इसे एक सुनियोजित हत्या करार दिया है। लगभग तीन सप्ताह की जांच के बाद पुलिस ने इस हत्याकांड का पर्दाफाश करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि हत्या की साजिश रचने वाला मुख्य आरोपी शिव साहू पहले से हत्या के एक अन्य प्रकरण में जेल में निरुद्ध है।
जयपाल सिदार 7 जुलाई की सुबह अपनी निजी कार (स्विफ्ट डिजायर CG12 BA 6453) से बच्चों को स्कूल छोड़ने के बाद लापता हो गए थे। परिजनों द्वारा 8 जुलाई को थाना लैलूंगा में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। प्रारंभिक खोजबीन में सफलता नहीं मिलने पर पुलिस अधीक्षक श्री दिव्यांग पटेल के निर्देशन में एक विशेष टीम गठित की गई, जिसमें साइबर सेल, लैलूंगा और धरमजयगढ़ थाना पुलिस को शामिल किया गया।
पुलिस ने मोबाइल लोकेशन, सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण कर जांच को आगे बढ़ाया। इसी दौरान तीन संदिग्ध व्यक्तियों- शुभम गुप्ता, कमलेश यादव और मदन गोपाल सिदार की गतिविधियाँ संदेह के दायरे में आईं। पूछताछ के दौरान आरोपी शुभम गुप्ता ने स्वीकार किया कि उसने रायगढ़ निवासी शिव साहू के कहने पर ₹1 लाख की सुपारी में जयपाल सिदार की हत्या की। शिव साहू, जो पूर्व में हत्या के मामले में जेल जा चुका है, पेरोल पर बाहर आने के दौरान शुभम से मिला और हत्या की योजना तैयार की।

हत्या की योजना के अनुसार 7 जुलाई को जयपाल सिदार को पैसों के लेनदेन के बहाने कोतबा बुलाया गया। शुभम, कमलेश और मदन गोपाल उनके साथ उन्हीं की कार में सवार हुए और रास्ते में चलती गाड़ी में गमछे से उनका गला घोंटकर हत्या कर दी गई। हत्या के बाद शव को कार में छिपाकर कई स्थानों पर घूमे और फिर धरमजयगढ़ थाना क्षेत्र की सिसरिंगा घाटी में फेंक दिया। मृतक का मोबाइल मैनपाट जंगल में फेंका गया और पहचान छिपाने के लिए कार का नंबर प्लेट हटा कर उसे सड़क किनारे खड़ा छोड़ दिया गया। हत्या में प्रयुक्त गमछा भी जला दिया गया।
पुलिस ने शव बरामद कर पोस्टमार्टम कराया, जिसके बाद मृतक की पहचान की गई और मामला हत्या में तब्दील कर दिया गया। थाना लैलूंगा में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1), 238, 61(2), और 3(5) के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है। इस प्रकरण में गिरफ्तार आरोपियों में शुभम गुप्ता (20 वर्ष), मदन गोपाल सिदार (19 वर्ष) और कमलेश यादव (19 वर्ष) शामिल हैं, जबकि मास्टरमाइंड शिव साहू रायगढ़ जेल में पहले से बंद है।
इस महत्वपूर्ण अन्वेषण में पुलिस अधीक्षक श्री दिव्यांग कुमार पटेल के नेतृत्व में एडिशनल एसपी श्री आकाश मरकाम, सीएसपी श्री अनिल विश्वकर्मा, एसडीओपी धरमजयगढ़ श्री सिद्धांत तिवारी, थाना प्रभारी रोहित बंजारे (लैलूंगा), सीताराम ध्रुव (धरमजयगढ़) और साइबर सेल सहित अन्य स्टाफ की सराहनीय भूमिका रही। पुलिस इस प्रकरण की विवेचना को गहराई से आगे बढ़ा रही है।
जयपाल सिदार की हत्या न केवल एक संवेदनशील व्यक्ति के जीवन की क्षति है, बल्कि यह घटना ग्रामीण प्रशासनिक व्यवस्था में कार्यरत अधिकारियों की सुरक्षा और स्वतंत्रता पर भी गम्भीर प्रश्नचिन्ह खड़ा करती है। पुलिस द्वारा की गई त्वरित कार्रवाई प्रशंसनीय है, परंतु यह प्रकरण दर्शाता है कि ग्राम स्तर पर कार्य कर रहे कर्मियों की सुरक्षा को लेकर अधिक ठोस और संरचनात्मक कदम उठाए जाने की आवश्यकता है।
