जिला असंगठित विद्युत कामगार कल्याण समिति की महापौर संजू देवी राजपूत बनी संरक्षक

कोरबा 23 जुलाई। असंगठित क्षेत्र में कार्यरत विद्युत कामगारों के हितों की रक्षा और उनके कल्याण के लिए सक्रिय जिला असंगठित विद्युत कामगार कल्याण समिति की नगर निगम कोरबा महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत समिति की संरक्षक नियुक्त हुई हैं। एक भव्य सम्मान समारोह का आयोजन किया। यह कार्यक्रम ब्रह्म वाटिका ब्राह्मण समाज भवन में आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में समिति के पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे।

उक्त भव्य सम्मान समारोह के दौरान महापौर का समिति के पदाधिकारियों ने पारंपरिक तरीके से पुष्पगुच्छ, श्रीफल, शाल एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर स्वागत किया। समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि महापौर द्वारा संरक्षक के रूप में जुड़ने से असंगठित विद्युत कामगारों के अधिकारों की रक्षा और उनके कल्याण के प्रयासों को नई दिशा और गति मिलेगी।

कार्यक्रम में समिति के जिला अध्यक्ष राजेश दुबे, उपाध्यक्ष तिलक ध्रुव, सचिव मुकेश सिंह राजपूत, सह सचिव मनोज रत्न परखी, कोषाध्यक्ष दिनेश गुप्ता, विधि सलाहकार निखिल शर्मा एवं महेश शुक्ला, मार्गदर्शक के रूप में पूर्व पार्षद परवीन रतन परखी, मीडिया प्रभारी कमल कुमार तिवारी, समिति के सदस्य शिव यादव, कृष्ण महाराज, विशेश्वर राठौर, लेखराम पटेल, समीर महंत, मुन्ना, हीरा साहू, भगवत प्रसाद, अंगद यादव, प्रेम पांडे, करण पटेल, दिनेश तिवारी, प्रदीप द्विवेदी, शगुन महंत, राजकुमार राठौर सहित संगठन के अन्य गणमान्य सदस्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम का कुशल संचालन करमजीत भारद्वाज ने किया।

इस अवसर पर महापौर संजू देवी राजपूत ने समिति का आभार व्यक्त करते हुए कहा की “यह मेरे लिए गर्व की बात है कि मुझे असंगठित विद्युत कामगारों के इस महत्वपूर्ण संगठन का संरक्षक नियुक्त किया गया है। मैं पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ कामगारों के कल्याण एवं उनके अधिकारों के संरक्षण के लिए हर संभव प्रयास करूंगी। समिति के पदाधिकारियों और सदस्यों द्वारा किए जा रहे प्रयास अत्यंत सराहनीय हैं, और हम सब मिलकर इन्हें और मजबूत बनाएंगे।”

इस अवसर पर समिति के अध्यक्ष राजेश दुबे ने कहा कि असंगठित क्षेत्र के विद्युत कामगारों को सामाजिक और आर्थिक रूप से सशक्त बनाना समिति का मुख्य उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि महापौर के संरक्षक बनने से समिति को न केवल प्रशासनिक स्तर पर मजबूती मिलेगी बल्कि कामगारों की आवाज शासन तक प्रभावी ढंग से पहुंचेगी।

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