हाथियों का दल पहुंचा कोरबा के जंगलों में, ग्रामीणों में बढ़ा खतरा

कोरबा 22 जुलाई। वनमंडल कोरबा के जंगलों में हाथियों का एक और दल पहुंच गया है जिससे ग्रामीणों को खतरा बढ़ गया है। हाथियों के इस दल में 21 सदस्य हैं जो रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ वनमंडल के हाथी परिक्षेत्र से बीती रात कुदमुरा पहुंचे। हाथियों का दल यहां के जंगलों में कुछ देर एक साथ विचरण करने के बाद इसमें से 6 हाथी दल से अलग हुए और आगे बढकर पसरखेत रेंज के कोल्गा सर्किल पहुंच गए जबकि 15 हाथी कुदमुरा सर्किल के जंगल में विचरण कर रहे हैं।

पसरखेत पहुंचे हाथियों ने आते ही उत्पात मचाया और ग्रामीणों के खेतों में पहुंचकर वहां लगे धान के फसल को रौंद दिया। जिससे तीन ग्रामीण प्रभावित हुए हैं, उन्हें काफी नुकसान उठाना पड़ा है। ग्रामीणों द्वारा सूचना दिए जाने पर वन विभाग के अधिकारी व कर्मचारी आज सुबह मौके पर पहुंचे और हाथियों की निगरानी करने के साथ आसपास के गांवों में मुनादी कराने का अभियान शुरू किया। बड़ी संख्या में हाथियों के विचरण करने से ग्रामीणों को खतरा बढ़ गया है। ज्ञात रहे 22 हाथी पहले से ही कोरबा वनमंडल में घूम रहे हैं जिनमें से 21 हाथी कोरबा रेंज अंतर्गत कोरकोमा व केरवा के बीच झुंझमार जंगल में हैं जबकि एक दंतैल कोरबा के आसपास अकेला विचरणरत है। कोरबा रेंज में मौजूद हाथियों ने फिलहाल कोई नुकसान नहीं पहुंचाया है।

वन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक क्षेत्र में घूम रहे हाथियों की निगरानी ड्रोन कैमरे व मैदानी अमले द्वारा लगातार की जा रही है। हाथियों की हर गतिविधियों पर नजर रखा जा रहा है। उधर कटघोरा वनमंडल के एतमानगर, जटगा व केंदई रेंज में भी हाथी समस्या लगातार जारी है। यहां के जंगलों में 46 के लगभग हाथी अलग-अलग झुंडों में विचरण कर रहे हैं।

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