कामकाज में चुस्ती लाने ‘कैबिनेट’ की मंत्रालयों पर सख्ती, लंबित फाइलें जल्दी निपटाएं, मंत्रालयों को कैबिनेट सचिवालय ने भेजा पत्र

नई दिल्ली. मोदी सरकार ने शीर्ष स्तर पर निर्णयों में और तेजी लाने के लिए ‘फाइल मूवमेंट’ चुस्त करने की कवायद शुरू की है। सूत्रों के अनुसार कैबिनेट सचिवालय ने पहली बार उन मंत्रियों के कार्यालयों को सीधे पत्र भेजकर लंबित मामलों को शीघ्र निपटाने को कहा है जहां फाइलें दो माह से ज्यादा पैंडिंग हैं। पिछले पखवाड़े भेजे गए पत्र में बाकायदा लंबित फाइलों की संख्या का उल्लेख भी किया गया है।
अभी तक की बात करें तो लंबित फाइलों व मामलों की निगरानी व समीक्षा संयुक्त सचिव से सचिव स्तर तक ही की जाती थी लेकिन अब पहली बार कैबिनेट स्तर पर इसका आंकलन कर मंत्री कार्यालय को आगाह किया गया है। सूत्रों के अनुसार कैबिनेट सचिवालय सरकार के ई-ऑफिस डिजिटल वर्कप्लेस का उपयोग कर लंबित मामलों की निगरानी कर रहा है। सचिवालय ने मंत्रियों के कार्यालयों में 61-90 दिन, 91-120 दिन और 180 दिन से ज्यादा समय से लंबित फाइलों को चिह्नित किया है।
पीएम खुद करते हैं बड़ी योजनाओं की समीक्षा
सूत्रों ने बताया कि पीएम नरेंद्र मोदी खुद बड़े बुनियादी ढांचा प्रोजेक्ट के कामकाज व अमल की समय-समय पर समीक्षा करते हैं। मोदी सरकार ने पहले प्रगति (प्रो-एक्टिव गर्वर्नेस एंड टाइमली इम्प्लीमेंटेशन) शुरू किया था। अक्टूबर 2021 में बुनियादी ढांचा परियोजनाओं पर योजना बनाने व निर्णय की सुविधा के लिए पीएम गतिशक्ति मंच लॉन्च किया।
2000 फाइलें जाती हैं मंत्रियों तक…
सूत्रों के अनुसार केंद्रीय सचिवालय में प्रतिदिन करीब 7000 ई-फाइलों का मूवमेंट होता है। करीब 2000 फाइलें मंत्रियों के कार्यालयों तक जाती हैं। अधिकतर फाइलें अंतर-मंत्रालयी, राष्ट्रीय नीतियों व योजनाओं से जुड़ी होती हैं।
