भारत ने भी बढ़ाया अपना परमाणु वॉरहेड्स, लेकिन चीन का परमाणु विस्तार दुनिया में है सबसे तेज…!

स्टॉकहोम. स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टिट्यूट (सिपरी) ने अपनी वार्षिक रिपोर्ट ‘सिपरी ईयरबुक 2025’ जारी की है, जिसमें वैश्विक परमाणु स्थिति और हथियार नियंत्रण पर गंभीर चिंताएं जताई गई हैं। रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया एक नई परमाणु हथियारों की होड़ की ओर बढ़ रही है, जबकि हथियार नियंत्रण समझौते कमजोर हो गए हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक भारत ने 2024 में 172 परमाणु वॉरहेड्स से बढ़ाकर 2025 में 180 वॉरहेड्स तक अपना जखीरा बढ़ाया है। भारत न केवल अपने परमाणु शस्त्रागार को बढ़ा रहा है, बल्कि अत्याधुनिक डिलीवरी सिस्टम जैसे कैनिस्टराइज् ड मिसाइलों पर भी काम कर रहा है। इनमें अग्नि-प्राइम मिसाइल सिस्टम और एमआईआरवी (मल्टीपल इंडिपेंडेंटली टारगेटेबल री-एंट्री व्हीकल) सक्षम अग्नि-5 सिस्टम शामिल हैं। अग्नि-प्राइम की रेंज 1000 से 2000 किमी. है और इसका आखिरी परीक्षण 2024 में हुआ था।

चीन का परमाणु विस्तार सबसे तेज
चीन हर साल करीब 100 वॉरहेड्स जोड़ रहा है। जनवरी 2025 तक वह 350 इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल (आईसीबीएम) का साइलो तैयार कर चुका है। रिपोर्ट के अनुसार, चीन 2035 तक 1500 वॉरहेड्स तक पहुंच सकता है। वैश्विक स्तर पर 12241 परमाणु वॉरहेड्स में से 9614 सैन्य स्टॉक में हैं और लगभग 3912 परिचालन मिसाइलों और विमानों पर तैनात किए गए हैं, जबकि शेष केन्द्रीय भंडारण में रखे गए हैं। 2024 में सभी नौ परमाणु संपन्न देशों ने अपने शस्त्रागार को आधुनिक बनाने में भारी निवेश किया।
