हिस्ट्रीशीटर तोमर ब्रदर्स के लिये वसूली करने वाला मैनेजर हुआ गिरफ्तार, विस्टो फाइनेंस के नाम से ग्रुप बनाकर करता था लेनदेन

रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर पुलिस ने सूदखोर फरार हिस्ट्रीशीटर तोमर ब्रदर्स के वसूलीबाज मैनेजर को गिरफ्तार किया है। आरोपी का नाम बंटी सहारे है और तोमर बंधुओं के सारे हिसाब किताब यही देखता था। आरोपी के द्वारा विस्टों फाइनेंस के नाम से ग्रुप बनाकर वसूली करता था। पुलिस ने बंटी के सहयोगी जितेंद्र देवांगन को भी गिरफ्तार किया है। मामले में अबतक के एक महिला समेत कूल 4 लोग गिरफ्तार हुए है।
दरअसल, रायपुर पुलिस की टीम द्वारा फरार आरोपी तोमर बंधुओं की लगातार तलाशी कर रही है। साथ ही उनके अन्य सहयोगियों के संबंध में भी जानकारी जुटाकर उन पर भी लगातार शिकंजा कस रही है। इसी तरह 15 जून को एण्टी क्राईम एण्ड साईबर यूनिट की टीम को तोमर बंधुओं के सहयोगी बंटी सहारे एवं जितेंद्र देवांगन उर्फ मोनू के बारे में जानकारी मिली। दोनों आरोपी ब्याज के काम की देख-रेख करते थे। पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा बंटी सहारे एवं जितेंद्र देवांगन उर्फ़ मोनू की तलाश करते हुये दोनों को पकड़ा गया।
पूछताछ में बंटी सहारे ने बताया कि पिछले दो वर्षों से रोहित तोमर, वीरेन्द्र तोमर एवं दिव्यांश के कहने पर उनके लिये ब्याज वसूली मैनेजर का काम करता था। मोबाईल में विस्टों फाइनेंस के नाम से ग्रुप बनाया गया है, जिसमें ब्याज की वसूली होती थी और पूरा लेखा जोखा इसी के द्वारा संचालित किया जाता था। जो व्यक्ति ब्याज नहीं देता था उसको तोमर बंधुओं द्वारा धमकी दी जाती थी।

आरोपी बंटी सहारे एवं जितेंद्र देवांगन उर्फ मोनू को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 1 नग मोबाइल फोन जब्त किया गया। आरोपियों के विरूद्ध थाना पुरानी बस्ती में दर्ज अपराध क्रमांक 230/25 धारा 308(2), 111(1) भा०न्या०स०, छत्तीसगढ़ ऋणीयों का संरक्षण अधिनियम में कार्रवाई की गई।
गिरफ्तार आरोपी
01. बंटी सहारे पिता अशोक सहारे उम्र 36 साल निवासी झंडा चौक शिवनगर चांगोरभाठा थाना डी.डी. नगर रायपुर।
02. जितेंद्र देवांगन उर्फ़ मोनू पिता बिसनाथ देवांगन उम्र 24 साल पता शीतला पारा सिमगा थाना सिमगा जिला बलौदा बाजार हाल पता भगत सिंह चौक थाना टिकरापारा जिला रायपुर।
वीरेंद्र तोमर की पत्नी शुभ्रा सिंह गिरफ्तार पिछले दिनों वीरेंद्र तोमर की पत्नी शुभ्रा सिंह को पुलिस ने गिरफ्तार किया गया था। कवरेज करने पहुंचे पत्रकारों से बदसलूकी, मारपीट, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने के मामले में रायपुर पुलिस ने यह कार्रवाई की थी।
दोनों भाई के खिलाफ शिकायत
दरअसल, जयदीप, मनीष, नासिर ने पुरानी बस्ती थाने में रोहित तोमर, वीरेन्द्र तोमर व उसके परिवार के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। पीड़ितों ने शिकायत में बताया था कि तोमर भाइयों के द्वारा पैसे उधार देकर उनसे कोरे कागज, चेक और स्टाम्प में हस्ताक्षर करवा लिया गया था और उनसे ब्याज के नाम पर अधिक पैसे वसूले थे। साथ ही डरा धमका कर उनकी जमीन को अपने नाम से रजिस्ट्रेशन करवा लिए थे।
इस शिकायत के बाद पुरानी बस्ती थाना पुलिस ने धारा
308, 111, छत्तीसगढ़ ऋणीयों का संरक्षण अधिनियम का अपराध पंजीबद्ध किया गया। एसएसपी लाल उमेद ने शिकायत को गंभीरता से लिया और कोर्ट से सर्च वारंट लेकर मंगलवार की रात तोमर भाइयों के ठिकानों पर छापेमारी की। छापेमारी में पुलिस को बेहिसाब अवैध संपत्ति जब्त की। साथ ही पुरानी बस्ती थाना के प्रकरण में आरोपी दिव्यांश तोमर 25 साल को सांई विला भाठागांव से गिरफ्तार किया गया। प्रकरण में अन्य आरोपी फरार है, जिनकी तलाशी की जा रही है। पुलिस ने वीरेंद्र सिंह तोमर के खिलाफ अलग से आर्म्स एक्ट के तहत अपराध भी दर्ज किया गया है।

जानिए कैसे बना अंडा ठेला लगाने वाला करोडपति
तोमर भाई एक समय में टिकरापारा इलाके में अंडे का ठेला लगाया करते थे। उस समय तोमर का परिवार किराए के घर में रहता था। धीरे-धीरे दोनों भाई ने सूदखोरी का काम शुरू किया और फिर इस काम में ये लोग इतने आगे निकले कि करोड़ों की संपति बना ली। दोनों भाई के नाम पर आज करोड़ो की संपति है। इतना ही नहीं कभी किराए के मकान में रहने वाले तोमर ब्रदर्स के पास भांटागांव में 5 हजार वर्गफीट में बना एक आलीशान बंगला, लग्जरी गाड़ियां भी है। दोनों भाइयों के खिलाफ चाकूबाजी, फायरिंग, सूदखोरी समेत कई अपराध दर्ज है।
कौन हैं वीरेंद्र और रोहित तोमर?
वीरेंद्र सिंह तोमर करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं, जबकि रोहित तोमर रायपुर में ‘गोल्डमैन’ के नाम से कुख्यात है. रोहित के खिलाफ 12 से ज्यादा संगीन मामले दर्ज हैं, जिनमें सूदखोरी, वसूली, गोलीबारी, अपहरण और महिलाओं से मारपीट शामिल हैं. पुलिस रिकॉर्ड में रोहित एक सक्रिय हिस्ट्रीशीटर है और वह अपने महंगे लाइफस्टाइल, सोने से जड़े कपड़ों और गाड़ियों के काफिले के लिए बदनाम रहा है. पुलिस के अनुसार, वह अवैध सूदखोरी के पैसे से आलीशान जिंदगी जीता रहा है.
छापे के बाद फरार हुए दोनों भाई
क्राइम ब्रांच की कार्रवाई शुरू होते ही वीरेंद्र और रोहित तोमर रायपुर छोड़कर फरार हो गए हैं. रोहित का मोबाइल बंद है और उसका निजी बाउंसर भी गायब है. लगातार पुलिस तोमर बंधुओं की तलाश कर रही. इसके लिए कई टीमें गठित की गई है. इससे पहले 25 सदस्यीय पुलिस दल ने महिला कर्मियों के साथ तोमर बंधुओं के ठिकानों पर दबिश दी थी. अब तक की छापेमारी में पुलिस ने कई करोड़ नगदी, 2 किलो सोना, 2 पिस्टल व 20 कारतूस, लग्जरी गाड़ियां और अवैध सूदखोरी से अर्जित संपत्तियों के दस्तावेज जब्त किए हैं.
आपको बता दें कि भाटागांव में करणी सेना के प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र रूबी तोमर और रोहित तोमर के मकान की सर्चिंग में पुलिस को 37 लाख रुपए कैश, पौन किलो गोल्ड, दो पिस्टल और तलवारों के अलावा जो दस्तावेज मिले हैं, उनकी जांच में सूदखोरी और ब्याज वसूलने के लिए उधार लेने वालों की प्रापर्टी की रजिस्ट्री करवाने तक के सबूत मिलने से पुलिस चौंक गई है।

एसएसपी डा. लाल उमेद सिंह ने मीडिया को बताया कि सूदखोरी का बड़ा सिंडीकेट उजागर हुआ है, जिसमें तोमर भाइयों के अलावा परिवार के लोग तथा महिलाओं की संलिप्तता भी पाई गई है। रूबी तोमर और रोहित तोमर फरार है, लेकिन पुलिस ने उनके एक रिश्तेदार दिव्यांश तोमर को गिरफ्तार कर लिया है। रूबी के खिलाफ पुरानी बस्ती थाने में आर्म्स एक्ट की रिपोर्ट दर्ज करवाई गई है। तोमर भाइयों के खिलाफ चार साल पहले भी सूदखोरी का सिंडीकेट चलाने के आरोप में रायपुर पुलिस ने चार केस दर्ज किए थे।

रूबी-रोहित तोमर बंधुओं से उधार लेने के बाद ब्याज के खेल में बुरी तरह फंसकर बर्बाद हो चुके तीन लोगों ने पुलिस को दिए गए बयान में अपनी आपबीती सुनाई है। तीन लोगों में से दो रायपुर के तथा एक दुर्ग का है। दस्तावेजों में खाली स्टाम्प पेपर्स पर दस्तखत मिलने के बाद पुलिस ने तीनों से संपर्क किया था। तीनों ने जो बयान दिया है, उससे सूदखोरी का सिंडीकेट फूटा है। बताया गया कि रूबी और रोहित के साथ-साथ परिजन तथा साथियों ने उधार के एवज में भरा चेक, कोरा चेक और कोरे स्टाम्प में दस्तखत लेकर रख लिए थे। ब्याज बहुत अधिक था और वसूली के लिए डराने-धमकाने के साथ-साथ जेल भेजने की धमकियां दी गईं।

यही नहीं, ब्याज के एवज में औने-पौने दाम पर जमीन की रजिस्ट्री भी करवा ली गई। वे लोग ब्याज की राशि कच्चे में लेते थे। इसका कुछ हिस्सा अपने कर्मचारी योगेश तथा परिवार के महिलाओं के एकाउंट पर जमा करवाते थे। एसएसपी ने बताया कि रूबी तोमर, रोहित तोमर और दिव्यांश तोमर तथा साथी-रिश्तेदारों ने मिलकर लोगों को ब्याज में पैसे दिए। फिर वसूली के लिए अपने सिंडीकेट के माध्यम से डरा धमकाकर पैसा वसूल करना एवं जबरन जमीन रजिस्ट्री कराना पाया गया।

इस मामले में पुरानी बस्ती थाने में रूबी, रोहित और दिव्यांश के खिलाफ पुरानी बस्ती थाने में धारा 308(2), 111(1) बीएनएस का एक और केस रजिस्टर किया गया है। यह पिस्टल जब्त होने के कारण लगाए गए आर्म्स एक्ट से अलग है। पुलिस ने दिव्यांश तोमर निवासी सांई विला भाटागांव को गिरफ्तार कर लिया है। रूबी और रोहित फरार हैं।
