नेपाल भागने की फिराक में थी बेवफा बीबी सोनम, पांच साल छोटा निकला उसका प्रेमी राज, गहरी साजिश का हुआ पर्दाफाश

इंदौर। राजा रघुवंशी की हत्या के मामले में कई राज खुलते जा रहे हैं। पत्नी सोनम के हिरासत में आने के बाद हर कोई भौंचक्का है। अब एक और चौंकाने वाली बात सामने आई है कि सोनम नेपाल भागने की फिराक में भी थी। उसने ही अन्य आरोपियों को पैसे देकर इंदौर वापस भेजा था।
बता दें कि अपने पति की हत्या करने की साजिश रचने वाली सोनम रघुवंशी ने ही डबल डेकर रूट के इलाके का चयन किया था। 23 मई को दोपहर में काॅल पर सास से हुई बातचीत में सोनम ने यह जताने की कोशिश भी की थी कि वह झरना देखने नहीं आना चाहती थी, उसे राजा वहां लेकर आया, लेकिन सचाई यह है कि सोनम को हत्या के लिए वो इलाका सुरक्षित लगा था।

सोनम अपने से पांच साल छोटे राज को दिल दे बैठी थी और राज ने ही इंदौर के तीन युवकों को हत्या के लिए तैयार किया था, जो सोनम और राजा के पीछे-पीछे शिलांग तक गए थे, लेकिन राज खुद नहीं गया। इधर पुलिस सूत्रों से ये बात भी पता चली है कि सोनम हत्या के बाद नेपाल भागना चाहती थी। राजा का शव ठिकाने लगाने के बाद तीन आरोपी उससे अलग हो गए थे। बताते हैं कि सोनम की दो अन्य युवकों ने सोलह दिन तक उसे छुपाने में, यात्राएं कराने में मदद की।
सूत्रों ने ये भी बताया कि सोनम अपने साथ 9 लाख रुपये नकद और शादी में मिले गहने भी अपने साथ ले गई थी, ताकि उसका उपयोग वह इतने दिन इधर-उधर रुकने और यात्रा में कर सके। हत्या ने बाद सोनम वाराणसी से गोरखपुर जाना चाहती थी। वहां से नेपाल जाना उसके लिए आसान था, लेकिन फिर वह गाजीपुर पहुंची। हत्यारों को भी सोनम ने कुछ राशि दी थी, ताकि वे भाग कर इंदौर आ सकें।
दो दिन पहले भी सोनम के घर गया था
जानकारी के अनुसार जिस राज कुशवाह पर आरोप लग रहे हैं, वो दो साल पहले तक सोनम के घर के आसपास ही रहता था, बाद में उसने घर बदल लिया। दो दिन पहले राज सोनम के माता-पिता से मिलने उनके घर भी पहुंचा था। हालांकि उन्हें ये भनक तक नहीं लगी कि राज सोनम के संपर्क में है और इस तरह की वारदात में शामिल हो सकता है।

आपको बता दें कि मध्यप्रदेश के इंदौर निवासी नवविवाहित जोड़े राजा रघुवंशी और पत्नी सोनम रघुवंशी मेघालय घूमने गए थे। वहां से 23 मई को लापता होने के 10 दिन बाद राजा रघुवंशी की लाश मिली थी। इस मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस ने उत्तर प्रदेश के गाजीपुर से पत्नी सोनम रघुवंशी को बरामद कर लिया है।
उधर, मेघालय पुलिस का दावा है कि सोनम ने अपने पति राजा की हत्या कराई। मामले में पुलिस ने तीन लोगों को मध्यप्रदेश से गिरफ्तार किया है। अब तक सोनम समेत चार लोग इस हत्याकांड में गिरफ्तार किए गए हैं।
सोनम रघुवंशी गाजीपुर के नंदगंज थाना इलाके से 17 दिन बाद पुलिस को मिली है। शुरुआती जानकारी में सामने आया है कि पुलिस सोनम को जिला अस्पताल लेकर गई, चेकअप के बाद उसे वन स्टॉप सेंटर में रखा है।

फिलहाल राजा की पत्नी सोनम कुछ नहीं बता रही है। एसपी सिटी ज्ञानेंद्रनाथ प्रसाद ने बताया कि महिला को वन स्टॉप सेंटर में रखा गया है। वह कुछ नहीं बता रही है। मेघालय पुलिस को सूचना दे दी गई है।
इंदौर निवासी राजा रघुवंशी हत्याकांड में तीन दिनों के भीतर मेघालय पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। मध्य प्रदेश के रहने वाले तीन हमलावरों को गिरफ्तार कर लिया गया है। राजा की पत्नी सोनम को भी पकड़ा गया है। एक अन्य हमलावर की तलाश जारी है।
बताया जा रहा है कि सोनम गाजीपुर में एक ढाबे पर बदहवास हालत में मिली थी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है। गाजीपुर पुलिस का कहना है कि उसे वन स्टॉप सेंटर में रखा गया है। उससे पूछताछ की जा रही है।

मेघालय के डीजीपी का कहना है कि सोनम ने ही अपने पति की हत्या कराई थी। पुलिस ने इस मामले में सोनम समेत चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। सोनम से पूछताछ की जा रही है।
राजा की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हुआ बड़ा खुलासा
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में राजा रघुवंशी के शरीर पर धारदार हथियार से वार के निशान मिले थे। लाश को खाई में फेंकने से शरीर की हड्डियां भी टूट गई थीं। शिलॉन्ग एसपी विवेक सिम ने इसकी पुष्टि की थी। पुलिस को घटनास्थल से ही राजा की हत्या में इस्तेमाल हथियार- दाओ भी मिला, जिसे जब्त कर लिया गया। पुलिस के मुताबिक, धारदार हथियार एकदम नया लग रहा है, अंदेशा है कि इसे हत्या के इरादे से ही खरीदा गया था।
कहानी अभी और बाकी है….
इससे पहले, सोनम के पिता देवी सिंह रघुवंशी ने अपनी बेटी को बेगुनाह बताते हुए इस हत्याकांड की सीबीआई जांच की मांग की.
उन्होंने कहा,‘‘कुशवाह का नाम मेरी बेटी सोनम के साथ गलत तरह से जोड़ा जा रहा है. मेघालय पुलिस अपनी खाल बचाने के लिए मेरी बेटी पर झूठे आरोप लगा रही है. मैं मेघालय पुलिस को कानूनी नोटिस भेजूंगा. मैं चाहता हूं कि सीबीआई पूरे मामले की जांच करे.”

चश्मदीदों ने सोमवार रात की स्थिति के मुताबिक बताया कि सोनम के मायके के बाहर पुलिस कर्मियों को तैनात किया गया है और उसके घर का दरवाजा लम्बे वक्त से अंदर से बंद है.
सोनम की तस्वीर जलाकर जताया आक्रोश
इस बीच, यहां सहकार नगर में राजा रघुवंशी के घर के बाहर स्थानीय लोगों ने सोनम की तस्वीर जलाकर 29 वर्षीय ट्रांसपोर्ट कारोबारी की हत्या पर आक्रोश जताया.
प्रदर्शनकारियों ने रघुवंशी के घर के बाहर लगाये गये उस विशाल बैनर को भी आग के हवाले कर दिया गया जिसमें उसकी हत्या की सीबीआई जांच की मांग की गई थी.

मेघालय में रघुवंशी का शव मिलने के बाद लगाये गये इस बैनर पर लिखा था,‘‘केंद्र सरकार और राज्य सरकार से राजा की आत्मा करे पुकार-मैं मरा नहीं, मुझे मारा गया है. सीबीआई से कराई जाए जांच.”
बैनर पर राजा रघुवंशी और उसकी पत्नी सोनम की शादी तस्वीरें भी छापी गई थीं.

23 मई को लापता हो गए थे राजा और सोनम
अधिकारियों ने बताया कि मेघालय में हनीमून मनाने गये राजा रघुवंशी और सोनम 23 मई को लापता हो गये थे.
उन्होंने बताया कि राजा रघुवंशी का शव दो जून को पूर्वी खासी हिल्स जिले के सोहरा क्षेत्र (जिसे चेरापूंजी भी कहा जाता है) में एक झरने के पास गहरी खाई में मिला था.
राजा रघुवंशी का परिवार ट्रांसपोर्ट के कारोबार से जुड़ा है. सोनम से उसकी शादी 11 मई को हुई थी और फिर दोनों 20 मई को हनीमून के वास्ते मेघालय गये थे.
अधिकारियों ने बताया कि मेघालय पुलिस का विशेष जांच दल (एसआईटी) राजा रघुवंशी की हत्या के मामले की विस्तार से तहकीकात कर रहा है.
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सोनम और उनके पति राजा रघुवंशी शिलॉन्ग घूमने गए थे. दोनों के लापता होने पर एनडीआरएफ और पुलिस ने तलाशी अभियान चलाया था. जिसके आठ दिन बाद राजा रघुवंशी का शव एक गहरी खाई में मिलाथा।

राजा और सोनम की शादी 11 मई को इंदौर में हुई थी. शादी के नौ दिन बाद 20 मई को यह नवविवाहित जोड़ा हनीमून के लिए मेघालय रवाना हुआ थे.23 मई को शिलांग के नोंग्रियाट गांव में डबल डेकर लिविंग रूट ब्रिज देखने के बाद दोनों लापता हो गए. उनकी किराए की स्कूटी 24 मई को सोहरा के पास लावारिस हालत में मिली,2 जून को राजा का शव वेईसावडॉन्ग झरने के पास एक खाई में मिला, जिसकी पहचान उनके हाथ पर बने ‘राजा’ टैटू से हुई. पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में हत्या की पुष्टि हुई, जिसने मामले को और रहस्यमय बना दिया।
लापता होने से पहले की कहानी
21 मई को दंपत्ति मेघालय की राजधानी शिलांग में एक गेस्टहाउस में ठहरे थे. अगले दिन उन्होंने एक स्कूटी किराए पर ली और लोकप्रिय पर्यटक स्थल सोहरा (चेरापूंजी) की ओर चल पड़ा. पूर्वी खासी हिल्स के मावलखियात गांव में पहुंचने के बाद, उन्होंने स्कूटी को एक पार्किंग स्थल पर खड़ा कर दिया और उसी जिले के नोंग्रियात गांव में एक होमस्टे तक जाने के लिए एक स्थानीय गाइड को हायर किया।
