रायपुर: “नेशनल मैंगो फेस्टिवल” में 350 प्रजाति के आम की प्रदर्शनी ने दर्शकों का मन मोहा

रायपुर। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के नेशनल मैंगो फेस्टिवल का आयोजन किया गया है। यहां एक-दो नहीं पूरे 350 प्रजाति के आम एक साथ दिखाई दिए। यहां विदेश की मियाजाकी आम सबके आकर्षण का केंद्र रहा। यह आम बाजार में ढाई लाख रुपये प्रति किलो के हिसाब से बिकता है। यह आयोजन प्रकृति की ओर सोसायटी और इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित किया गया है। मैंगो फेस्टिवल में देसी और विदेशी आम की लगभग 350 किस्म के आम इस फेस्टिवल में प्रदर्शनी लगाई गई है। नेशनल मैंगो फेस्टिवल के आयोजन का यह तीसरा साल है। नेशनल मैंगो फेस्टिवल को लेकर लोगों में उत्साह भी देखने को मिला। इसके साथ ही आम के 56 प्रकार के उत्पाद की भी प्रदर्शनी लगाई गई है। आम से अचार बनाने के साथ ही मिठाई, काफी, केक, कचौड़ी, समोसा या दूसरी अन्य चीज कैसे बनाई जाती है, इसकी भी जानकारी इस आम महोत्सव में लोगों को दी जा रही है।
एक साथ दिखे 350 प्रजाति के आम
इस प्रदर्शनी का मकसद हमारे देश में आम की जितनी भी किस्म है उसके बारे में आम लोगों को दिखाना और समझाना है, इस बार के आम महोत्सव में टाइमिंग भी चेंज की गई है। दोपहर 12:00 से रात 9:00 बजे तक आम महोत्सव खुला रहेगा, इस बार के आम महोत्सव में आम के लगभग 350 वैरायटी हैं, जिसमें दशहरी या लंगड़ा आम में कितने प्रकार के होते हैं, इसकी भी जानकारी लोगों को इस महोत्सव के माध्यम से दी जा रही हैं। लंगड़ा आम भी कई वैरायटी में हो सकते हैं।
राष्ट्रीय आम महोत्सव में एक से बढ़कर एक आम
हर व्यक्ति का स्वाद अलग अलग होता है। लंगड़ा या फिर केसर का स्वाद काफी लजीज है, इसके साथ ही छत्तीसगढ़ की बात करें तो छत्तीसगढ़ के आम हाथीझूल का भी स्वाद अलग है। छत्तीसगढ़ में आम के लगभग 100 प्रकार की किस्म है। छत्तीसगढ़ की प्रमुख किस्म में लंगड़ा, दशहरी और अल्फांजो है। इन तीनों आमों का स्वाद भी काफी अच्छा है। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय अब ग्राफ्टेड पौधे भी बना रहा है, जिसमें अल्फांजो का बेस होगा और उसमें लंगड़ा और आम्रपाली लगा सकेंगे। एक ही पौधे में तीन किस्म कैसे निकलेगी इस पर अनुसंधान भी किया जा चुका है।
महोत्सव में पांच राज्यों के किसान पहुंचे
इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति गिरीश चंदेल ने बताया कि इस महोत्सव में वैज्ञानिक आधार भी लोगों को आम के बारे में बताया जा रहा है और आम लगाने के लिए प्रोत्साहित भी किया जा रहा है। आम के बारे में बताने के साथ ही विक्रय केंद्र भी बनाया गया है। जहां से लोग आम के अलग-अलग प्रजाति के पौधे खरीद सकते हैं। इस आम महोत्सव में पांच राज्यों के किसान अपने उत्पाद लेकर पहुंचे हुए हैं। कौन से और किस तरह के आम खास माने गए हैं।
