राहुल गांधी के “नरेंदर, सरेंडर” बयान को लेकर सियासी घमासान, भाजपा ने की हाफिज सईद से तुलना, कहीं चीन की चाल तो नहीं?

नई दिल्ली: लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के बयान “नरेंदर, सरेंडर” को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। कांग्रेस की दलील है कि राहुल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कूटनीतिक नीति पर सवाल उठाए हैं, जबकि भाजपा ने इस बयान को सीधे सेना से जोड़ते हुए राहुल पर तीखा हमला किया है। पाकिस्तान के मोस्ट वांटेड आतंकी हाफिज सईद से राहुल की तुलना करते हुए पार्टी ने दावा किया कि बुद्धि और विवेक की कमी के चलते नेता प्रतिपक्ष अपने पद की गरिमा तक नहीं रख पा रहे है। उधर कई रक्षा विशेषज्ञों ने इसे चीन की चाल करार देते हुए मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। ऑपरेशन सिन्दूर अब देश के भीतर सियासी रंग लेने लगा है। 

लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के सरेंडर वाले बयान पर बीजेपी सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने पलटवार किया है। सुधांशु त्रिवेदी ने हिंदी की एक कहावत का जिक्र करते हुए राहुल गांधी पर देश के आत्मसम्मान और सेना के शौर्य का अपमान करने का आरोप लगाया है। त्रिवेदी ने कहा, हिंदी में एक कहावत है- नया मुल्ला ज्यादा प्याज खाता है, लेकिन यहां गैर मुल्ला इस कदर प्याज खाने में लगा है कि उसे एहसास ही नहीं कि वह इस देश के आत्मसम्मान और सेना के शौर्य का कितना बुरा अपमान कर रहा है।

बीजेपी ने कहा कि जो पाकिस्तान ने नहीं कहा, वो इन दिनों राहुल बोल रहे है। सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि अब तक कांग्रेस के नेता पाकिस्तानी मीडिया में सुर्खियां बटोरते थे और उनके बयानों को पाकिस्तानी संसद में कोट किया जाता था, लेकिन राहुल गांधी ने पहली बार ऐसी बात कही है जो पाकिस्तान के सेना प्रमुख ने भी नहीं कही, न ही किसी पाकिस्तानी आतंकवादी संगठन ने कही। सुधांशु त्रिवेदी ने आगे कहा, “यहां तक कि मसूद अज़हर या हाफिज सईद ने भी ऐसी बात नहीं कही। उनमें से किसी ने भी यह नहीं कहा कि भारत ने सरेंडर किया… मैं राहुल गांधी से पूछना चाहता हूं- क्या वह इन लोगों से एक कदम आगे निकलना चाहते हैं? अब तक, वह पाकिस्तान के लोगों, पाकिस्तानी सेना और आतंकवादी संगठनों को कवर फायर दे रहे थे। क्या वह अब उनके नेता बनने की कोशिश कर रहे हैं?”

“PoK क्यों सरेंडर कर दिया?” राहुल गांधी द्वारा उठाये गए इस सवाल के जवाब में बीजेपी सांसद ने कहा, “राहुल गांधी आपको सरेंडर करना होगा। PoK क्यों सरेंडर कर दिया? आप, आपकी पार्टी और आपके खानदान के कारनामे सरेंडर है, कैलेंडर में। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक शेर की तरह हैं, भारत मां के शेर हैं।” त्रिवेदी यही नहीं रुके, उन्होंने कहा, “उस व्यक्ति की बुद्धिमत्ता और विवेक का स्तर स्पष्ट है जो चुनाव परिणाम में अपने तीसरे प्रयास में तीन अंकों से कम प्राप्त करने को सफलता और तीसरी बार प्रधानमंत्री चुने जाने को हार के रूप में देखता है… मैं कांग्रेस पार्टी से पूछना चाहता हूं, क्या राहुल गांधी ने सरेंडर शब्द का इस्तेमाल करके सेना का अपमान किया है या नहीं?… उन्होंने ऐसा शब्द इस्तेमाल किया है जिसका इस्तेमाल पाकिस्तान की सेना, आतंकवादी संगठनों, या संयुक्त राष्ट्र-नामित आतंकवादियों मसूद अजहर या हाफिज सईद ने भी नहीं किया है।”

बता दें कि राहुल गांधी ने भोपाल में पार्टी की एक सभा में भारत-पाकिस्तान सीजफायर को लेकर दावा किया कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का एक फोन आया और पीएम नरेंद्र मोदी ने तुरंत सरेंडर कर दिया। उन्होंने कहा कि बीजेपी-आरएसएस का करैक्टर है कि वो हमेशा झुकते हैं। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भोपाल में पार्टी की एक सभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला था। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर और भारत-पाकिस्तान सीजफायर को लेकर दावा किया कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का एक फोन आया और पीएम नरेंद्र मोदी ने तुरंत सरेंडर कर दिया. उन्होंने पीएम मोदी के नाम का उच्चारण ‘नरेंदर’ किया.

राहुल गांधी के इस बयान के बाद राजनैतिक गलियारों में उनकी भाषा और राजनीतिक मर्यादा को लेकर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं. राहुल गांधी की इस टिप्पणी को बीजेपी ने ‘असभ्य’ और ‘पाकिस्तान समर्थक’ करार दिया है, जबकि कांग्रेस इसे अपनी वैचारिक लड़ाई का हिस्सा मान रही है. लेकिन देश के रक्षा विशेषज्ञ सवाल कर रहे है कि राहुल गांधी की ऐसी भाषा का मकसद क्या है और यह कितना उचित है? उन्हें अंदेशा है कि चीन के दबाव में राहुल गाँधी कोई नई तिकड़म में तो नहीं भिड़े है। उनके बयान को चीन की चाल से भी जोड़ कर देखा जा रहा है। फ़िलहाल, ऑपरेशन सिन्दूर को लेकर बीजेपी और कांग्रेस के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। (साभार NTC)

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