तुर्किये को बहुत महंगी पड़ रही पाकिस्तान से दोस्ती, भारतीयों ने उत्पादों का किया बहिष्कार

नईदिल्ली। पाकिस्तान से दोस्ती तुर्किये को बहुत महंगी पड़ रही है। ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान का खुला साथ देने के कारण भारतीयों ने तुर्किये के उत्पादों का बहिष्कार कर दिया। यहीं नहीं लोगों ने तुर्किये की यात्राओं को भी टाल दिया है।
भारत के दुश्मन पाकिस्तान से दोस्ती तुर्किये को बहुत महंगी पड़ रही है। ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान का खुला साथ देने के कारण भारतीयों ने तुर्किये के उत्पादों का बहिष्कार कर दिया। देश की एक दर्जन से अधिक बड़ी मंडियों ने तुर्किये के सेब सहित सभी फलों का पूर्ण बहिष्कार कर दिया जिससे तुर्किये को भारी चोट पहुंची है। पिछले वर्ष तुर्किये में करीब 3000 करोड़ खर्च करने वाले भारतीयों में आधे से ज्यादा पर्यटकों ने तुर्किये की यात्रा का अपना प्लान कैंसिल कर दिया जिससे तुर्किये को हजारों करोड़ का नुकसान हुआ है। इसके अलावा देश की बड़ी शिक्षण संस्थाओं आईआईटी बांबे, जामिया, चंडीगढ़ विश्वविद्यालय और जेएनयू ने तुर्किये से अपने अनुबंध तोड़ लिए हैं जिससे वहां छात्रों का बड़ा नुकसान हुआ है। तुर्किये के सेब देखने में बहुत सुंदर, बड़े और स्वादिष्ट होते हैं। यही कारण है कि भारत के उच्च वर्ग के बीच ये खासे लोकप्रिय थे। लेकिन पाकिस्तान का समर्थन करने के बाद फल विक्रेताओं ने तुर्किये के सेब का बहिष्कार कर दिया। अब ये सेब बाजार से गायब हो चुका है। व्यापारियों के दो सबसे बड़े संगठन कैट और सीटीआई ने सबसे पहले तुर्किये के साथ व्यापार का बहिष्कार किया था। उसके बाद देश के हर हिस्से से तुर्किये के फलों-कपड़ों का बहिष्कार किया जाने लगा। यूपी के साहिबाबाद को फल बाजार के मामले में सबसे बड़ी मंडियों में से एक माना जाता है, लेकिन साहिबाबाद मंडी ने तुर्किये के फलों के पूर्ण बहिष्कार की घोषणा कर दी है। इसके अलावा उत्तराखंड के हरिद्वार, यूपी के प्रयागराज, राजस्थान के अलवर फल बाजार, पुणे फल व्यापारी संघ और मध्य प्रदेश के ग्वालियर के फल बाजार ने भी तुर्किये का बहिष्कार करने की घोषणा कर दी है। हिमाचल प्रदेश के सेब उत्पादकों ने भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर तुर्किये के सेबों के आयात पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग की थी। ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस ने भी घोषणा की है कि उनसे जुड़े ट्रक ऑपरेटर्स तुर्किये के सामानों की आवाजाही के लिए अपने ट्रकों की सेवाएं नहीं देंगे। यानी यदि कोई व्यापारी तुर्किये के फल लाने की कोशिश भी करेगा तो उसे अपना सामान ले जाने के लिए ट्रक उपलब्ध नहीं होंगे। ऑनलाइन कपड़े बेचने वाली प्रमुख कंपनी एजिय ने पाकिस्तान का समर्थन करने के कारण तुर्किये के ब्रांड्स के कपड़ों की अपने यहां बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया। इसी तरह भारत में कपड़ों की खरीद के लिए सबसे प्रसिद्ध ब्रांड्स में से एक मंत्रा ने भी तुर्किये के कपड़ों का पूर्ण बहिष्कार कर दिया। देश के आवासीय इकाइयों में मार्बल का उपयोग खूब जमकर किया जाता है। लेकिन मार्बल के व्यापार में अग्रणी भूमिका निभाने वाले उदयपुर के मार्बल ट्रेडर्स ने तुर्किये के मार्बल बाजार का पूर्ण बहिष्कार कर दिया है। तुर्किये जाने वाले पर्यटकों में एक बड़ी संख्या भारत से जाने वाले पर्यटकों की होती थी। पिछले वर्ष ही करीब 3.3 लाख भारतीय पर्यटकों ने तुर्किये की यात्रा की थी। तुर्किये जाने वाले भारतीय पर्यटकों की संख्या में हर साल 15 से 20 फीसदी की वृद्धि भी हो रही थी। लेकिन अब भारतीय पर्यटकों और पर्यटन कराने वाली एजेंसियों ने तुर्किये का पूर्ण बहिष्कार कर दिया है।
