देखरेख एवं संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चों के अस्थाई संरक्षण के लिये इच्छुक भावी अभिभावक कर सकते हैं आवेदन

कोरबा 22 मई। जिले में संचालित किषोर न्याय (बालकों की देखरेख और संरक्षण) अधिनियम अंतर्गत पंजीकृत बाल देखरेख संस्थाओं में निवासरत देखरेख और संरक्षण की आवष्यकता वाले बालकों को किषोर न्याय (बालकों की देखरेख और संरक्षण) अधिनियम तथा मॉडल गाइड लाइन फॉर फॉस्टर केयर के प्रावधानानुसार अस्थाई संरक्षण में दियेजाने हेतु फास्टर केयरमें भारतीय दम्पति आवेदन कर सकते है।

फास्टर केयर परिवार का दायित्व होगा कि वह बालक को समुचित भोजन, वस्त्र, आश्रय, षिक्षा/उच्च षिक्षा, देखभाल एवं संरक्षण, आवष्यकतानुसार सभी प्रकार की चिकित्सा/उपचार, आयु एवं रूचि अनुसार व्यवसायिक प्रषिक्षण, बालक की विकास संबंधी आवष्यकताओं, की पूर्ति, बालक की शोषण, दुर्व्यवहार, हानि, उपेक्षा से सुरक्षा तथा बालक एवं उसके जैविक परिवार की निजता का सम्मान करें। इसके साथ ही फास्टर केयर मार्गदर्षिका में उल्लेखित सभी दायित्व एवं शर्तों तथा बालक कल्याण समिति एवं जिला बाल संरक्षण ईकाई के निर्देषों का पालन अनिवार्य होगा।

ऐसे भारतीय दंपति जो देखरेख और संरक्षण की आवष्यकता वाले बालकों को अस्थाई रूप से संरक्षण में लेना चाहते है, वे कार्यालय जिला बाल संरक्षण इकाई, महिला एवं बाल विकास विभाग, नया जिला परिवहन कार्यालय के पास, तहसील रोड, जिला- कोरबा (छ.ग.) में संपर्क कर निर्धारित प्रपत्र में आवेदन कर सकते है। आवेदन के पष्चात् उक्त अधिनियम एवं गाइड लाइन के प्रकाष में गृह अध्ययन प्रतिवेदन तथा स्पान्सरषिप एवं फास्टर केयर अनुमोदन समिति की अनुषंसा के आधार पर जिले की बालक कल्याण समिति द्वारा देखरेख एवं संरक्षण हेतु बालक, संबंधित दंपति कोफास्टर केयर में दिया जा सकेगा।

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