बिग ब्रेकिंग: भारत पाक के बीच अमेरिका की मध्यस्थता में हुआ पूर्ण सीजफायर, ट्रंप ने की घोषणा

नई दिल्ली/इस्लामाबाद, 10 मई 2025:
भारत और पाकिस्तान के बीच हालिया सैन्य तनाव और कश्मीर में हुए आतंकी हमलों के बाद दोनों देशों ने पूर्ण और तत्काल सीज़फायर पर सहमति जताई है। यह ऐतिहासिक घोषणा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा की गई, जिन्होंने बताया कि यह समझौता अमेरिका की मध्यस्थता में हुआ।
राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा,
> “भारत और पाकिस्तान ने अमेरिका की मध्यस्थता में एक पूर्ण और तत्काल युद्धविराम पर सहमति जताई है। यह दक्षिण एशिया में शांति और स्थिरता के लिए एक बड़ा कदम है।”
क्यों जरूरी था यह समझौता?
अप्रैल 2025 में कश्मीर के पहलगाम में हुए एक आतंकी हमले में 26 नागरिकों की मौत के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया था। भारत ने इस हमले के लिए लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े आतंकियों को जिम्मेदार ठहराया था। इसके बाद दोनों देशों के बीच सीमित सैन्य कार्रवाई और हवाई क्षेत्र बंद होने की खबरें सामने आई थीं।
किसने निभाई मुख्य भूमिका?
इस समझौते में अमेरिका के अलावा सऊदी अरब और तुर्की ने भी मध्यस्थ की भूमिका निभाई। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने दोनों देशों के साथ वार्ता की।
क्या कहा भारत और पाकिस्तान ने?
भारतीय विदेश मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया कि,
“भारत हमेशा से शांति का पक्षधर रहा है। अगर पाकिस्तान आतंकवाद पर लगाम लगाता है तो हम भी रिश्ते सुधारने को तैयार हैं।”
वहीं, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने भी कहा कि,
“हम क्षेत्रीय शांति के लिए प्रतिबद्ध हैं और हर प्रकार के संवाद के लिए तैयार हैं।”
आगे क्या?
सीज़फायर लागू होने के साथ ही पाकिस्तान ने अपना हवाई क्षेत्र खोल दिया है और भारत ने सीमावर्ती इलाकों में सेना को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं, लेकिन कोई आक्रामक कार्रवाई नहीं की जा रही।

नई दिल्ली/इस्लामाबाद, 10 मई 2025:
भारत और पाकिस्तान के बीच हालिया सैन्य तनाव और कश्मीर में हुए आतंकी हमलों के बाद दोनों देशों ने पूर्ण और तत्काल सीज़फायर पर सहमति जताई है। यह ऐतिहासिक घोषणा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा की गई, जिन्होंने आज बताया कि यह समझौता अमेरिका की मध्यस्थता में हुआ।
राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा,
> “भारत और पाकिस्तान ने अमेरिका की मध्यस्थता में एक पूर्ण और तत्काल युद्धविराम पर सहमति जताई है। यह दक्षिण एशिया में शांति और स्थिरता के लिए एक बड़ा कदम है।”
क्यों जरूरी था यह समझौता?
अप्रैल 2025 में कश्मीर के पहलगाम में हुए एक आतंकी हमले में 26 नागरिकों की मौत के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया था। भारत ने इस हमले के लिए लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े आतंकियों को जिम्मेदार ठहराया था। इसके बाद दोनों देशों के बीच सीमित सैन्य कार्रवाई और हवाई क्षेत्र बंद होने की खबरें सामने आई थीं।
किसने निभाई मुख्य भूमिका?
इस समझौते में अमेरिका के अलावा सऊदी अरब और तुर्की ने भी मध्यस्थ की भूमिका निभाई। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने दोनों देशों के साथ वार्ता की।
क्या कहा भारत और पाकिस्तान ने?
भारतीय विदेश मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया कि,
“भारत हमेशा से शांति का पक्षधर रहा है। अगर पाकिस्तान आतंकवाद पर लगाम लगाता है तो हम भी रिश्ते सुधारने को तैयार हैं।”
वहीं, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने भी कहा कि,
“हम क्षेत्रीय शांति के लिए प्रतिबद्ध हैं और हर प्रकार के संवाद के लिए तैयार हैं।”
आगे क्या?
सीज़फायर लागू होने के साथ ही पाकिस्तान ने अपना हवाई क्षेत्र खोल दिया है और भारत ने सीमावर्ती इलाकों में सेना को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं, लेकिन कोई आक्रामक कार्रवाई नहीं की जा रही।
