September 10, 2026
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महिलाओं की मुश्किलों का हल है आयुर्वेद मेंः डॉ. नागेंद्र

कोरबा 18 मार्च। आजकल की जीवनशैली और व्यस्त दिनचर्या का स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है, जिसकी वजह से लोग कई तरह की बीमारियों से पीडित होते जा रहे हैं। वहीं महिलाओं और युवतियों में अनियमित मासिक धर्म, पीसीओडी (पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम), और हार्मोनल उतार-चढ़ाव के कारण कई समस्याएं देखी जा रही हैं। इन समस्याओं से परेशान महिलाएं अक्सर चिंता में रहती हैं, लेकिन आपको चिंता करने की जरा भी जरूरत नहीं है, क्योंकि आयुर्वेद में महिलाओं से संबंधित इन सभी समस्याओं का प्रभावी उपचार मौजूद है। इस बारे में छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध नाड़ी वैद्य डॉ. नागेंद्र नारायण शर्मा का कहना है कि दशमूल क्वाथ के सेवन से इन सभी समस्याओं का समाधान किया जा सकता है।

डॉ. शर्मा ने दशमूल क्वाथ की विशेषता पर प्रकाश डालते हुए बताया, कि यह 10 प्रकार की जड़ी-बूटियों के मिश्रण से बनाया जाता है. इसमें गोखरू, बेल, कंटकारी, श्योनाका, अग्निमंथ, पिठवन, पाटला, गम्भारी, शलपर्णी और बृहती को मिलाकर विशेष विधि से चूर्ण तैयार किया जाता है। महिलाओं में होने वाली हार्मोनल डिसऑर्डर समस्याओं के साथ-साथ दशमूल क्वाथ गाउटी आर्थराइटिस, रुमेटीइड आर्थराइटिस और ऑस्टियोआर्थराइटिस के लक्षणों को कम करने में भी प्रभावी है. इसके अलावा, यह पेट के ट्यूमर, सूजन, पेट फूलना, पीठ के निचले हिस्से में दर्द और श्रोणि और त्रिक क्षेत्रों में सूजन के इलाज में भी सहायक है।