पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के ठिकानों से बरामद हुए 33 लाख रुपये, बुलानी पड़ी नोट गिनने की मशीन, अभी खुलेंगे कई राज

रायपुर। छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री और उनके संगी- साथियों के ठिकानों में ईडी ने रेड मांरी है। इस बीच पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के भिलाई स्थित आवास पर नोट गिनने की मशीने बुलवाई गई। ED की टीम एक वाहन में इसे लेकर पहुंची। नोट गिनने की मशीन देखते ही बघेल समर्थकों में गहमा-गहमी मच गई। समर्थकों के होश फाख्ता हो गए। वे ED की दबिश के बाद पूर्व मुख्यमंत्री बघेल के ठिकानों पर पहुंचे थे। नारेबाजी कर रहे समर्थकों की आंखे उस समय फटी की फटी रह गई, जब उनके आवास पर बक्से में नोट गिनने की मशीने पहुंची।

उधर पूर्व मुख्यमंत्री के ठिकानों में ED की दबिश की खबर मिलते ही विधानसभा के बजट सत्र की बैठक छोड़ कई विधायकों ने भिलाई का रुख किया। इससे पहले ये विधायक बघेल के समर्थन में नारेबाजी करते नजर आये। फिर सदन छोड़ अपने वाहनों से आनन-फानन में पूर्व मुख्यमंत्री के ठिकाने पर पहुंचे थे। कई विधायकों ने पहले तो छापो को लेकर एतराज जताया। लेकिन हकीकत सामने आते ही उनके तेवर भी नरम पड़ गए। पूर्व मुख्यमंत्री बघेल के अलावा उनके कई कारोबारी संगी-साथियों के ठिकानों पर भी दबिश दी गई है।

सूत्र बताते है कि पूर्व मुख्यमंत्री के पुत्र चैतन्य बघेल ने घोटालों की रकम का बड़ा हिस्सा रियल एस्टेट कारोबार में निवेश किया था। चैतन्य उर्फ़ बिट्टू के अलावा उसके कारोबारी मित्रों ने भी घोटालों की रकम से भ्रष्टाचार का ‘ताजमहल’ खड़ा कर लिया था। सूत्र यह भी बताते है कि महादेव सट्टा एप और शराब घोटाले की बड़ी रकम पूर्व मुख्यमंत्री के पुत्र ने जमीनों की खरीद-फरोख्त में निवेश की थी।

उनकी मालिकाना हक़ वाली विभिन्न कंपनियों ने भिलाई-दुर्ग के आस-पास सैकड़ों एकड़ जमीने खरीद कर कॉलोनी का निर्माण किया था। इसमें जमीनों का बड़ा सौदा कथित रूप से घोटाले की रकम से अंजाम दिया गया था। यह जानकारी भी सामने आई है कि बघेल और उनके पुत्र से जमीनों के निवेश और अर्जित की गई चल-अचल संपत्ति की पड़ताल मौके पर ही की गई है। एजेंसियों ने बाप-बेटे दोनों से पूछताछ की है। उनसे आय के श्रोतों का ब्यौरा भी माँगा गया है।

यही नहीं नगद रकम के श्रोतों की जानकारी नहीं देने के उपरांत संदेह उत्पन्न होने पर नोट गिनने की मशीन बुलवाई गई। पूर्व मुख्यमंत्री और उनके पुत्र चैतन्य बघेल के ED के हत्थे चढ़ने की खबर ‘परवान’ चढ़ रही है।

उधर, भूपेश बघेल ने कहा है कि कवासी लखमा ने विधानसभा में प्रश्न पूछा। आठवे दिन लखमा के घर ई डी पहुँच गईं। मैने चार दिन पहले विजय शर्मा से प्रश्न पूछा तो चौथे दिन ई डी आ गईं। आज की कार्रवाई बताती है कि भाजपाई बोखला गए है। मेरे घर से 33 लाख नकद ले गए। मेरे घर में रेड बदनाम करने आये थे।मुझे पंजाब का महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिली है। ओ पी चौधरी के पास बहुत विभाग है। मुख्यमंत्री के पास आबकारी विभाग है। कितने नोटिस दिए है? कोई पूछताछ नहीं किये। कितना सोना, चांदी है बताये। सोना छोड़ गए। ई डी सबसे बड़ी संस्था है। मुझे बदनाम करना मकसद है। भूपेश बघेल कभी अपने लिए नहीं लडता। जनता और किसान के लिए लडता है। देखें वीडियो-

देर शाम अपनी कार्रवाई पूरी कर ईडी की टीम वापस लौट गई। अब आगे क्या कार्रवाई होती है? क्या भूपेश बघेल और उनके पुत्र गिरफ्तार किए जाते हैं? उनके खिलाफ क्या मामला सामने आता है? यह खुलासा आने वाले दिनों में होगा।

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