श्रममंत्री लखनलाल देवांगन को प्रदेश भाजपा ने शो-काज नोटिस क्यों दिया? यहां पढ़िए वीडियो के साथ पूरी खबर सिक्वेंस में

कोरबा। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष और राज्य के श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन को अनुशासनहीनता के लिए प्रदेश भाजपा ने कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
नोटिस में क्या है?
पार्टी की ओर से जारी नोटिस में कहा गया है कि नगरपालिक निगम कोरबा में सभापति निर्वाचन प्रक्रिया सम्पन्न होने के पश्चात आपके द्वारा मीडिया में जो बयान दिया गया है, वो अनुशासन भंग करने की परिधि में आता है। प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव के निर्देशानुसार आप अपना पक्ष 48 घंटे के अंदर प्रस्तुत करें। देखिए नोटिस –

क्या हुआ था चुनाव में?
गत 8 मार्च को नगर पालिका निगम कोरबा के सभापति का चुनाव सम्पन्न हुआ था। नगर निगम के 67 में 45 पार्षद भारतीय जनता पार्टी के थे। इसके बाद भी पार्टी के एक पार्षद नूतन सिंह राजपूत ने बगावत कर सभापति पद का चुनाव लड़ा और 33 वोट हासिल कर चुनाव जीत लिया।

इस पूरी चुनाव प्रक्रिया के दौरान पार्टी के पर्यवेक्षक एवं विधायक पुरंदर मिश्रा, प्रदेश भाजपा के उपाध्यक्ष और राज्य के श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन, भाजपा के प्रदेश मंत्री विकास महतो, महापौर संजीदेवी राजपूत, पूर्व जिला भाजपा अध्यक्ष तथा पार्टी की प्रदेश के विशेष आमंत्रित सदस्य अशोक चावलानी उपस्थित थे। पार्टी के पार्षदों ने इन्हें बताकर, इन सबके सामने बगावत की। यही नहीं, वे अपना सभापति प्रत्याशी खड़ा कर उसे चुनकर भी ले आए। पार्टी में हुई इस अभूतपूर्व बगावत से अपनी रीति नीति और अनुशासन के लिए विशेष पहचान रखने वाली पार्टी को शर्मसार होना पड़ा। इस शर्मनाक स्थिति के बाद भी लखनलाल देवांगन ने चुनाव परिणाम को हंसते हुए स्वीकार कर लिया था।

क्या कहा था लखनलाल देवांगन ने?
मंत्री देवांगन ने कहा था कि नूतन सिंह ठाकुर ने नगर पालिक निगम कोरबा के सभापति चुनाव में विजय हासिल की है। इस जीत पर मैं उन्हें बहुत-बहुत बधाई और शुभकामनाएं देता हूं। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा था कि हितानंद अग्रवाल पार्टी के घोषित प्रत्याशी थे, लेकिन सभी निर्वाचित पार्षदों ने एकजुट होकर सर्व सम्मति से नूतन सिंह ठाकुर की जीत सुनिश्चित की है। यह निर्णय सभी को मान्य है।
उन्होंने यह भी कहा था कि निश्चित तौर पर अब नगर निगम में महापौर और सभापति दोनों पदों पर बीजेपी का कब्जा हो गया है, जिससे कोरबा के विकास को और गति मिलेगी। मंत्री देवांगन ने नवनिर्वाचित सभापति और महापौर को शुभकामनाएं देते हुए कहा था कि वे कोरबा के समग्र विकास के लिए मिलकर कार्य करेंगे। देखें वीडीयो –
इस बीच छत्तीसगढ़ भाजपा ने अनुशासनहीनता के इस मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए कोरबा नगर निगम के नवनिर्वाचित सभापति को पार्टी से निष्कासित कर दिया है। कोरबा में नूतन सिंह ठाकुर पार्टी के सभापति के अधिकृत प्रत्याशी के खिलाफ चुनाव लड़े थे और उन्हें जीत मिली थी। इससे पहले नगरीय निकाय चुनाव में कोरबा नगर निगम में बीजेपी को बम्फर बहुमत मिला है। पार्टी का मेयर निर्वाचित हुआ है। कुल 67 वार्ड पार्षदों में 45 भाजपा पार्षद जीतकर आए थे। इसके बाद सभापति चुनाव के लिए पार्टी ने हितानंद अग्रवाल को अधिकृत प्रत्याशी बनाया था, जिन्हें इस बगावत के कारण शर्मनाक हार का सामना करना पड़ा। इसी वजह से चुनाव के 48 घंटे के भीतर नूतन सिंह ठाकुर को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से 6 वर्षों के लिए निष्कासित कर दिया गया है। देखें आदेश –

अब आगे क्या होगा?
श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन को कारण बताओ नोटिस देने और नव निर्वाचित सभापति नूतन सिंह ठाकुर को पार्टी से निष्कासित करने के बाद कोरबा के अन्य बड़े नेताओं के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी। यहां के नेताओं को प्रदेश के जिन नेताओं का संरक्षण प्राप्त है, उन नेताओं का भविष्य भी दांव पर लग गया है। पार्टी को शर्मसार होते हुए मूक दर्शक बनकर देखने वाले नेताओं को अगर बचाने का प्रयास किया, तो वह भी पार्टी की वक्र दृष्टि का शिकार हो सकते हैं।
