स्मृति ईरानी की बैठकों में मंत्रियों के कामकाज पर उठे सवाल ! विधायकों को दिवाली भोज कराने के निर्देश, 2028 चुनाव पर फोकस

रायपुर। छत्तीसगढ़ भाजपा की प्रदेश प्रभारी स्मृति ईरानी के दौरे के दूसरे दिन सोमवार को संगठनात्मक बैठकों का दौर जारी है। विधायकों के साथ बैठक पूरी होने के बाद सांसदों के साथ बैठक आयोजित की जा रही है। इसके बाद दोपहर 12:30 बजे से 2 बजे तक मंत्रियों के साथ बैठक प्रस्तावित है। दौरे के पहले दिन कुछ मंत्रियों के कामकाज को लेकर शिकायतें सामने आने की जानकारी के बाद इस बैठक पर खास नजर है।
बैठकों में संगठन की मजबूती, सरकार और संगठन के बीच बेहतर तालमेल तथा वर्ष 2028 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों पर चर्चा हो रही है। स्मृति ईरानी ने विधायकों को दिवाली के दौरान अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों में भोज आयोजित करने के निर्देश भी दिए हैं। इसमें पार्टी कार्यकर्ताओं और आम लोगों को शामिल करने पर जोर दिया गया है, ताकि जनप्रतिनिधियों और जनता के बीच संवाद मजबूत हो सके।
विधायकों को दिवाली पर भोज कराने के निर्देश
सोमवार को विधायकों के साथ हुई संगठनात्मक बैठक में स्मृति ईरानी ने जनसंपर्क बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने विधायकों को दिवाली के अवसर पर अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों में भोज आयोजित करने के निर्देश दिए। इसका उद्देश्य कार्यकर्ताओं और आम जनता के साथ संपर्क बढ़ाना तथा उनके बीच की दूरियां कम करना बताया जा रहा है।
बैठक में संगठन के पुराने नेताओं और कार्यकर्ताओं को साथ लेकर चलने, सरकार की योजनाओं को घर-घर तक पहुंचाने और पार्टी की गतिविधियों को अधिक प्रभावी बनाने पर भी जोर दिया गया।
पहले दिन करीब 9 घंटे चलीं बैठकें
स्मृति ईरानी ने रविवार को दौरे के पहले दिन संगठन के विभिन्न स्तरों के नेताओं के साथ करीब नौ घंटे तक बैठकें कीं। इन बैठकों में पूर्व सांसदों, पूर्व विधायकों और अन्य संगठनात्मक पदाधिकारियों से चर्चा की गई।
जानकारी के मुताबिक, उन्होंने नेताओं से वर्ष 2028 के विधानसभा चुनाव में भाजपा की जीत सुनिश्चित करने के लिए संगठन को किस तरह मजबूत किया जा सकता है, इस पर सुझाव मांगे। उन्होंने सभी नेताओं को आपसी समन्वय के साथ काम करने और पार्टी की गतिविधियों में सक्रियता बढ़ाने के निर्देश दिए।
मंत्रियों के कामकाज को लेकर शिकायतों की चर्चा
पहले दिन की बैठकों के दौरान कुछ मंत्रियों के कामकाज को लेकर शिकायतें सामने आने की जानकारी मिली है। बताया जा रहा है कि पूर्व विधायकों, सांसदों और निगम-मंडल के पदाधिकारियों ने अपनी बैठकों में कुछ मंत्रियों से जुड़ी समस्याएं उठाईं।
हालांकि, शिकायतें किन मुद्दों पर थीं और किन मंत्रियों के खिलाफ की गईं, इसकी विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं हुई है। ऐसे में सोमवार को मंत्रियों के साथ होने वाली बैठक को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
सरकार और संगठन के बीच तालमेल पर जोर
बैठकों में सरकार की योजनाओं को आम जनता तक पहुंचाने, कार्यकर्ताओं की भूमिका मजबूत करने और सत्ता-संगठन के बीच बेहतर तालमेल बनाने पर चर्चा हुई। स्मृति ईरानी ने संगठन के पुराने नेताओं और कार्यकर्ताओं को साथ लेकर चलने की जरूरत पर भी जोर दिया।
बताया जा रहा है कि वह सरकार और संगठन के कामकाज से संबंधित रिपोर्ट तथा अन्य जानकारियों के आधार पर नेताओं के साथ चर्चा कर रही हैं। हालांकि, बैठक में प्रस्तुत रिपोर्ट के विस्तृत बिंदुओं की आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
आज कोर ग्रुप और विचार परिवार के साथ भी बैठक
सोमवार को दिनभर बैठकों का कार्यक्रम निर्धारित है। विधायकों और सांसदों के साथ बैठक के बाद दोपहर 12:30 बजे से 2 बजे तक मंत्रियों के साथ चर्चा होगी। इसके बाद दोपहर 3 बजे कोर ग्रुप की बैठक और शाम 4:30 बजे विचार परिवार के वरिष्ठ पदाधिकारियों एवं प्रतिनिधियों के साथ बैठक प्रस्तावित है।
स्मृति ईरानी के इस दौरे को छत्तीसगढ़ भाजपा में संगठनात्मक समन्वय मजबूत करने और आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मंत्रियों के साथ होने वाली बैठक में सरकार के कामकाज, जनप्रतिनिधियों की शिकायतों और संगठन की अपेक्षाओं पर क्या चर्चा होती है, इस पर राजनीतिक हलकों की नजर बनी हुई है।
