नवजात शावक के साथ हाथियों के दल ने किया मरवाही का रूख, मटियाडांड में जमाया डेरा

कोरबा, 23 अक्टूबर। जिले के पसान सर्किल में लंबे समय से डेरा डालकर ग्रामीणों एवं वन विभाग के नाक में दम कर देने वाले 52 हाथियों के दल ने नवजात शाव के साथ अब मरवाही का रूख कर लिया है। हाथियों के दल को यहां के मटियाडांड क्षेत्र में विचरण करते हुए देखा गया। इसके बाद पसान स्टाफ ने राहत महसूस किया। बड़ी संख्या में हाथियों के पहुंचने की जानकारी संबंधित स्टाफ को दिए जाने के बाद मरवाही वनमंडल का अमला सतर्क हो गया है और हाथियों की निगरानी में जुट गया है।

ज्ञात रहे 52 हाथियों का दल जिले के कटघोरा वनमंडल अंतर्गत पसान सर्किल में कई दिनों से सक्रिय था। क्षेत्र में हाथियों ने अपनी मौजूदगी के दौरान जमकर उत्पात मचाते हुए जहां बड़ी संख्या में ग्रामीणों की फसल को तहस-नहस कर दिया, वहीं बस्ती में पहुंचकर कई ग्रामीणों के मकान भी ढहा दिए थे। हाथियों के उत्पात से क्षेत्रवासी काफी परेशान थे और उनमें गहरा आक्रोश भी था। वन विभाग भी हाथियों की निगरानी को लेकर काफी चिंतित था। विभाग के अधिकारी व कर्मचारी देर रात उसकी निगरानी में जुटे हुए थे। बावजूद इसके हाथी निगरानी दल को चकमा देकर मुख्य मार्ग पर पहुंच जाते थे या खेतों व गांवों में पहुंचकर फसल व मकान को क्षतिग्रस्त कर देते थे। लंबे समय तक क्षेत्र में जमे रहने व उत्पात मचाने के बाद हाथियों के दल में से 22 हाथी अलग हुए और आगे बढकर मरवाही की ओर चले गए थे। इसके बाद 30 हाथी क्षेत्र के बनखेता जंगल में बचे थे। शेष बचे हाथियों में एक गर्भवती मादा हाथी भी शामिल थी, जिसने बुधवार की रात को एक नन्हे शावक को जन्म दिया। हाथियों का यह झुंड अगले दिन गुरुवार को दिन भर बनखेता के जंगल में रहने के बाद रात होते ही आगे बढ़ा और नन्हे शावक व उसकी माता को साथ लेकर तान नदी को पार कर मरवाही के जंगल पहुंच गए। इस दौरान वन अमला रास्ते में लगातार दल की निगरानी करता रहा। हाथियों के अन्यत्र जाने पर क्षेत्र के ग्रामीणों व वन विभाग ने फिलहाल राहत की सांस ली है।

बड़ी संख्या में पसान क्षेत्र से हाथियों के मरवाही वनमंडल में आने की पुष्टि करते हुए डीएफओ कुमार निशांत ने बताया कि फिलहाल 52 हाथियों का दल वनमंडल अंतर्गत मटियाडांड के जंगल में विचरण कर रहा है। इस दल में नवजात नन्हा शावक भी शामिल है। इसकी सुरक्षा के मद्देनजर निगरानी बढ़ा दी गई है। ड्रोन कैमरे के अलावा मैदानी अमला लगातार नजर बनाए हुए है।

Spread the word