7 साल की भव्या की हत्या से सनसनी : जंगल में नाले किनारे मिला शव, तीन दिन से थी लापता, पुलिस जांच में जुटी

कोरबा/रजगामार। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में सात वर्षीय मासूम की हत्या के मामले ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। कई दिनों से लापता बच्ची का शव करीम पोल्ट्री फार्म से करीब 300 मीटर दूर जंगल में नाले के किनारे मिला। बच्ची के गले पर चोट के निशान और घटनास्थल से मिले कुछ अहम सबूतों ने मामले को गंभीर बना दिया है। पुलिस अब घटनास्थल से मिले साक्ष्यों के आधार पर जांच में जुटी है।
जानकारी के अनुसार, एक परिवार रजगामार स्थित करीम पोल्ट्री फार्म में रह रही थी। परिवार को यहां रहते करीब चार महीने हुए थे। 19 अक्टूबर को दोपहर लगभग 1:30 बजे पिता ने भव्या को पास की राशन दुकान से घरेलू सामान लाने के लिए भेजा था। लेकिन बच्ची वापस नहीं लौटी। परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। काफी खोजबीन के बाद भी जब बच्ची का कोई पता नहीं चला तो राजगामार पुलिस चौकी में गुमशुदगी की सूचना दी गई। परिवार को उम्मीद थी कि बच्ची सुरक्षित मिल जाएगी, लेकिन बाद में जो खबर सामने आई, उसने सभी को स्तब्ध कर दिया।
बच्ची का शव करीम पोल्ट्री फार्म से लगभग 300 मीटर दूर जंगल में नाले के किनारे मिला। जानकारी के मुताबिक, भव्या के चाचा सूरज जोशी ने सबसे पहले शव को देखा। घटनास्थल की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। जंगल में शव मिलने की खबर फैलते ही इलाके में हड़कंप मच गया। जिस बच्ची की तलाश में परिजन परेशान थे, उसकी मौत की खबर से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।
सीएसपी प्रतीक चतुर्वेदी ने बताया कि लापता बच्ची का शव बरामद हुआ है और उसकी हत्या की गई है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, बच्ची के गले पर चोट के निशान भी मिले हैं। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस विभिन्न पहलुओं से जांच कर रही है। घटनास्थल पर बच्ची के कपड़ों की स्थिति को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
इस मामले में एक महत्वपूर्ण जानकारी यह भी सामने आई है कि पुलिस को घटनास्थल से आरोपी से जुड़े कुछ अहम सबूत मिले हैं। इन सबूतों की प्रकृति और उनमें दर्ज जानकारी का अभी आधिकारिक खुलासा नहीं हुआ है। जांच में इनकी भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है, इसलिए पुलिस इनके आधार पर मामले की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। अब जांच का अहम सवाल यह है कि ये दस्तावेज किससे संबंधित हैं और बच्ची की हत्या के मामले में इनसे क्या सुराग मिल सकते हैं। पुलिस की जांच और साक्ष्यों के विश्लेषण के बाद ही इन सवालों के जवाब सामने आएंगे।
सात वर्षीय बच्ची की हत्या के इस मामले में पुलिस के सामने घटना की पूरी परिस्थितियों का पता लगाने और जिम्मेदार व्यक्ति की पहचान करने की चुनौती है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्य और बरामद दस्तावेज जांच की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण हो सकते हैं। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। दुष्कर्म की पुष्टि, हत्या के पीछे की वजह और घटना में शामिल व्यक्ति या व्यक्तियों को लेकर आधिकारिक जानकारी सामने आने का इंतजार है। मासूम की मौत से क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल है। अब सभी की निगाहें पुलिस जांच के अगले खुलासे पर टिकी हैं।
