छत्तीसगढ़ पुलिस में 3 नए स्पेशल डीजी पदों को मंजूरी, कल्लूरी, प्रदीप गुप्ता और विवेकानंद सिन्हा के नाम चर्चा में

रायपुर, 19 अक्टूबर 2026। छत्तीसगढ़ पुलिस में वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों की पदोन्नति को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। राज्य में तीन नए विशेष पुलिस महानिदेशक (स्पेशल डीजी) पदों के सृजन को कैबिनेट की मंजूरी मिलने के बाद पुलिस मुख्यालय में नई नियुक्तियों और जिम्मेदारियों के बंटवारे को लेकर अटकलें लगाई जा रही हैं। पदोन्नति की संभावित दौड़ में 1994 बैच के एसआरपी कल्लूरी, 1995 बैच के प्रदीप गुप्ता और 1996 बैच के विवेकानंद सिन्हा के नाम प्रमुखता से चर्चा में हैं।

हालांकि, इन पदों पर अंतिम नियुक्ति और पदोन्नति को लेकर आधिकारिक आदेश सामने आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। वरिष्ठता, सेवा रिकॉर्ड और लागू नियमों के आधार पर आगे की प्रक्रिया तय होना महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

तीन नए स्पेशल डीजी पदों से पदोन्नति के अवसर

तीन नए स्पेशल डीजी पदों के सृजन से वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों को उच्च पद पर पदोन्नति का अवसर मिल सकता है। इन पदों पर नियुक्तियां होने से पुलिस मुख्यालय में शीर्ष स्तर की जिम्मेदारियों का पुनर्वितरण भी संभव है।

पुलिस विभाग में वरिष्ठ अधिकारियों की पदोन्नति को भविष्य में पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) पद के लिए उपलब्ध अधिकारियों के समीकरणों से भी जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, डीजीपी पद पर चयन की प्रक्रिया अलग नियमों और निर्धारित मानकों के तहत होती है।

वर्ष 2018 में भी बने थे अतिरिक्त डीजी स्तर के पद

छत्तीसगढ़ में डीजी स्तर के अतिरिक्त पदों और उनसे जुड़ी पदोन्नतियों का मुद्दा पहले भी सामने आ चुका है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, वर्ष 2018 में बनाए गए तीन अतिरिक्त डीजी स्तर के पदों पर हुई पदोन्नतियां बाद में निरस्त कर दी गई थीं।

इस पुराने घटनाक्रम के कारण नए पदों पर नियुक्तियों की प्रक्रिया में नियमों के पालन, प्रशासनिक औपचारिकताओं और केंद्र सरकार की सहमति से जुड़े पहलुओं पर भी नजर रहेगी। ऐसे में नियुक्तियों की वैधानिक प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी।

राज्य पुलिस सेवा के अधिकारियों को IPS अवार्ड का इंतजार

वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों की पदोन्नति की चर्चाओं के बीच राज्य पुलिस सेवा (एसपीएस) के अधिकारियों का आईपीएस अवार्ड का इंतजार भी चर्चा में है।

जानकारी के अनुसार, वर्ष 2004-05 बैच के करीब 10 डीएसपी लंबे समय से भारतीय पुलिस सेवा में पदोन्नति की प्रतीक्षा कर रहे हैं। वहीं, वर्ष 2002 बैच के अधिकारियों को लगभग 23 साल की सेवा के बाद हाल ही में आईपीएस अवार्ड मिलने की बात कही गई है।

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