सावन में बढ़ी थी कीमतें

कोरबा। आश्विन नवरात्र की शुरूआत कल से हो रही है। शक्ति की उपासना के इस पर्व में श्रद्धालु बड़ी संख्या में दुर्गा पूजा पंडाल मंदिर पहुंचते हैं। दर्शन के साथ नारियल चढ़ाने की परंपरा है। इसके बावजूद बाजार में नारियल की मांग तेज होने पर भी भाव स्थिर है।

अनुमान है कि कोरबा नगर से लेकर उपनगरीय क्षेत्र और ग्रामीण अंचल में नवरात्र पर नारियलों की खपत की संख्या 10 लाख तक पहुंच जाती है। समय के साथ इस प्रकार के परिवर्तन महसूस किये गए हैं। लोगों की आस्था के आगे बहुत सारे फैक्टर गौण हो जाते हैं। नवरात्र पर सामान्य प्रसाद के साथ ही सबसे ज्यादा कोई चीज अर्पित होती है तो वह है नारियल। छोटे से लेकर बड़े मंदिरों में श्रद्धालु दर्शन के दौरान नारियल चढ़ाने को लेकर उत्साही रहते हैं। कोरबा में नारियल के थोक कारोबारी जुगल किशोर अग्रवाल ने बताया कि वर्तमान में नारियल की कीमतें 28 रूपए के स्तर पर हैं। सावन के सीजन में बड़े नारियल की कीमतें 35 रूपए प्रति इकाई तक पहुंच गई थी। तुलनात्मक रूप से फिलहाल बाजार का मूड अलग नजर आता है।

उन्होंने बताया कि काकीनाड़ा आंध्र के नारियल के मुकाबले दूसरे क्षेत्र से आने वाले नारियल की वैरायटी बेहतर होती है और उसकी मांग बाजार में ज्यादा है। कीमतें भी इसी के अनुसार तय होती है। अग्रवाल ने बताया कि नवरात्र पर अलग से नारियल की अधिक खपत होगी ऐसा भी नहीं है। सामान्य तौर शनिवार और मंगलवार को डिमांड ज्यादा होती है। त्यौहारी सीजन में सिनेरियो कुछ अलग हो जाता है।

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