प्रभारी कार्यपालन अभियंता ने मांगी ठेकेदार से रिश्वत, नहीं मिलने पर की हुज्जतबाजी ! निगम आयुक्त का संरक्षण प्राप्त होने की चर्चा

कोरबा। कोरबा जोन की प्रभारी कार्यपालन अभियंता रुचि साहू पर एक ठेकेदार ने निर्माण कार्य की परफॉर्मेंस गारंटी की राशि जारी करने के लिए कथित तौर पर दो प्रतिशत कमीशन मांगने का आरोप लगाया है। शिकायतकर्ता का दावा है कि मांग पूरी करने से इनकार करने पर अधिकारी ने उसके साथ कथित रूप से अभद्र व्यवहार किया, हुज्जतबाजी की और उसे चेम्बर से बाहर निकाल दिया। मामले को लेकर ठेकेदार ने निगम आयुक्त और कलेक्टर को लिखित शिकायत सौंपकर कार्रवाई की मांग की है।

शिकायत पत्र के अनुसार ठेकेदार अंकुश मिश्रा ने 3 वर्ष पूर्व नगर निगम में निर्माण कार्य कराया था जिसकी परफॉर्मेंस गारंटी की राशि वापस प्राप्त करने के लिए फाइल प्रक्रिया में थी। उक्त फाइल कोरबा जोन की प्रभारी कार्यपालन अभियंता रुचि साहू के टेबल पर होने की जानकारी मिलने पर ठेकेदार अभियंता रुचि साहू के चेम्बर पहुँचा और फाइल की स्थिति जाननी चाही। ठेकेदार का आरोप है की प्रभारी कार्यपालन अभियंता रुचि साहू के द्वारा उससे फाइल क्लीयर करने के एवज में परफॉर्मेंस राशि के दो प्रतिशत की मांग की गई। ठेकेदार द्वारा इनकार करने पर रूचि साहू के द्वारा उससे दुर्व्यवहार किया गया और उसे अपशब्द कहकर चेम्बर से बाहर निकाल दिया गया। अधिकारी के दुर्व्यवहार से क्षुब्ध होकर ठेकेदार ने तत्काल निगम आयुक्त व कलेक्टर को पत्र लिख घटना की शिकायत की।

मैडम को है दुर्व्यवहार की आदत, निगम कर्मचारी भी परेशान

प्राप्त जानकारी अनुसार उक्त महिला अधिकारी को लोगों से दुर्व्यवहार करने की आदत है। ठेकेदार हों या निगम के कर्मचारी, सभी मैडम के दुर्व्यवहार से पीड़ित हैं। उपरोक्त घटना कोई पहली नहीं है, मैडम के द्वारा अन्य ठेकेदारों और अधीनस्थ कर्मचारियों से भी कई मौकों पर आर्यादित भाषा का प्रयोग करते हुए बदतमीजी की गई है परंतु महिला अधिकारी होने के कारण पीड़ितों के द्वारा उनके इस अनुचित व्यवहार को नजर अंदाज किया जाता रहा है।

आयुक्त के संरक्षण की चर्चा—सच क्या है, प्रशासन स्पष्ट करे!

वहीं निगम के गलियारों में मैडम को निगम आयुक्त का संरक्षण प्राप्त होने की चर्चा है जिसके कारण निगम के ठेकेदार और कर्मचारी अपमान का घूंट पीकर भी शांत बैठने को मजबूर हैं। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है फिर भी, शिकायत सामने आने के बाद निगम प्रशासन की निष्पक्षता और कार्रवाई की पारदर्शिता पर सवाल उठना स्वाभाविक है।

विवादों से पुराना नाता, भ्रष्टाचार के आरोप में हो चुकी हैं निलंबित। फिर इतना बड़ा पद कैसे ?

प्राप्त जानकारी अनुसार अभियंता रूचि साहू का विवादों से पुराना नाता है। कुछ वर्ष पूर्व नगर निगम कोरबा की भवन निर्माण शाखा में पदस्थ रहने के दौरान मैडम का रिश्वत मांगते हुए एक कथित ऑडियो वायरल होने की बात सामने आई है जिसके पश्चात इनका तबादला हो गया था। तबादले के पश्चात भी मैडम की कार्यशाली विवादित ही रही और रायपुर नगर निगम में पदस्थ रहते हुए इन्हें सीसी रोड व नाली निर्माण कार्य में भ्रष्टाचार और गुणवत्ताहीन निर्माण के आरोप में निलंबित कर दिया गया था।

अब प्रश्न उठता है कि ऐसे विवादित पृष्ठभूमि के अधिकारी को कोरबा जोन के मुखिया का प्रभार क्यों सौंपा गया है। क्या सच में इन्हें निगम आयुक्त का संरक्षण प्राप्त है ? क्या संरक्षण के दम पर ही मैडम हर आते जाते व्यक्ति को खरी खोटी सुना रही है?

ठेकेदार संघ ने किया समर्थन, आन्दोलन की चेतावनी

इस मामले में नगर निगम कांट्रेक्टर एसोसिएशन ने भी अपने साथी ठेकेदार का पक्ष लेते हुए अभियंता रूची साहू के विरुद्ध कार्रवाई की माँग की है। एसोसिएशन अध्यक्ष असलम खान ने पत्र में कहा की अभियंता रूची साहू के द्वारा लगातार ठेकेदारों से अनुचित व्यवहार करते हुए उन्हें अपमानित किया जा रहा है, साथ ही उनकी भुगतान सम्बन्धी फाइलों को बेवजह रोक कर रखा जा रहा है। एसोसिएशन ने इस मामले में कार्यवाही नही होने की स्थिति में सभी निर्माण कार्य बंद करते हुए आन्दोलन करने की चेतावनी दी है।

अब देखना होगा कि निगम आयुक्त इस मामले में कठोर कार्यवाही कर प्रशासनिक कार्यशैली में अनुशासन व गरिमा बरतने को रेखांकित करते हैं या मैडम के अमर्यादित आचरण पर संरक्षण की मुहर लगाते हैं।

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