विद्यार्थियों को कृषि की नई व वैज्ञानिक तकनीकों से कराया अनुभव

कोरबा, 7 अक्टूबर। कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र, कटघोरा, कोरबा के बीएससी कृषि चतुर्थ वर्ष के विद्यार्थियों द्वारा ग्रामीण कृषि कार्य अनुभव (रावे) कार्यक्रम के अंतर्गत ग्राम भांवर में उद्घाटन समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को ग्रामीण परिवेश से जोड़ते हुए किसानों के साथ कृषि की नवीन एवं वैज्ञानिक तकनीकों का व्यावहारिक अनुभव प्रदान करना है।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र, कोरबा के अधिष्ठाता डॉ. राजेश कुमार साहू ने की। ग्राम भंवर की सरपंच श्रीमती गणेश बाई मरपच्ची मुख्य अतिथि, वीर सिंह मरपच्ची, यशपाल सिंह एवं भानु सिंह विशिष्ट अतिथि थे। रावे समन्वयक आरके भारद्वाज ने किसानों एवं ग्रामीणों को रावे कार्यक्रम के उद्देश्यों और प्रस्तावित गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों, नवीन कृषि तकनीकों तथा ग्राम स्तर पर विद्यार्थियों द्वारा किए जाने वाले विभिन्न कार्यों के बारे में विस्तार से बताया।

अधिष्ठाता डॉ. राजेश कुमार साहू ने विद्यार्थियों एवं ग्रामीणों को संबोधित करते हुए रावे कार्यक्रम की उपयोगिता पर प्रकाश डाला। रावे के माध्यम से विद्यार्थी ग्रामीण परिवेश से सीधे जुड़ते हैं और महाविद्यालय में अर्जित तीन वर्षों के सैद्धांतिक ज्ञान को खेत एवं किसानों के बीच व्यावहारिक रूप में लागू करने का अवसर प्राप्त करते हैं। इससे विद्यार्थियों को किसानों के साथ सामंजस्य स्थापित करने तथा कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों में मैदानी अनुभव हासिल करने में मदद मिलती है। मुख्य अतिथि श्रीमती गणेश बाई मरपच्ची ने विद्यार्थियों एवं किसानों को मार्गदर्शन प्रदान करते हुए उन्हें सकारात्मक एवं रचनात्मक कार्यों के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर किसानों ने कृषि से जुड़ी अपनी समस्याएं, अनुभव एवं विचार विद्यार्थियों और कृषि विशेषज्ञों के साथ साझा किए।

वहीं बीएससी कृषि चतुर्थ वर्ष के विद्यार्थी साहिल पैगवार एवं अनमोल जांगड़े ने भी अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने रावे कार्यक्रम के माध्यम से किसानों के साथ मिलकर कार्य करने, उनकी समस्याओं को समझने तथा कृषि के व्यावहारिक ज्ञान को बढ़ाने के महत्व पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों, किसानों एवं कृषि विशेषज्ञों के बीच संवाद स्थापित हुआ साथ ही वैज्ञानिक कृषि ज्ञान के प्रसार और किसान-विद्यार्थी सहभागिता को बढ़ावा देने की दिशा में रावे कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत हुई।

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