विश्व स्तनपान दिवसः रंजना में मातृत्व और सेवाभावियो 9 माताओं को मिला यशोदा सम्मान

कोरबा 03 सितम्बर। कटघोरा (कोरबा) विश्व स्तनपान दिवस के अवसर पर विकासखंड कटघोरा के ग्राम आदर्श पंचायत रंजना में स्वस्थ्य मितानिन कार्यक्रम के तत्वावधान में ‘माता यशोदा सम्मान समारोह-मातृ दुग्ध दान, ममता सर्वोच्च सम्मान’ का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में मातृ दुग्ध के महत्व, मातृ-शिशु स्वास्थ्य, पोषण एवं सुरक्षित मातृत्व के प्रति जागरूकता का संदेश दिया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य शिशु को जन्म के बाद छह माह तक केवल स्तनपान कराने के लिए माताओं को प्रेरित करना, गर्भवती एवं शिशुवती महिलाओं को स्वास्थ्य एवं पोषण के प्रति जागरूक करना तथा समाज और स्वास्थ्य के क्षेत्र में महिलाओं के योगदान को सम्मानित करना रहा। जिला पंचायत अध्यक्ष पवन सिंह अपरिहार्य कारणों से कार्यक्रम में उपस्थित नहीं हो सके। उन्होंने वीडियो कॉल के माध्यम से कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के महत्व पर प्रकाश डाला तथा सभी माताओं एवं कार्यकर्ताओं को शुभकामनाएं दीं।ब्लॉक समन्वयक श्रीमती रुक्मणी यादव ने माता यशोदा के वात्सल्य का उदाहरण देते हुए कहा कि मां और बच्चे के बीच प्रेम, ममता एवं भावनात्मक जुड़ाव स्वस्थ समाज की मजबूत नींव है। मातृत्व त्याग, ममता और जिम्मेदारी का प्रतीक है तथा माताओं का सम्मान वास्तव में मातृत्व का सम्मान है।
जिला समन्वयक मितानिन सुश्री वंदना गुप्ता ने कहा कि शिशु को जन्म से छह माह तक केवल मां का दूध दिया जाना चाहिए। इसके बाद पूरक आहार के साथ स्तनपान जारी रखना बच्चे के बेहतर विकास के लिए लाभकारी है। उन्होंने कहा कि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने में मितानिनों की भूमिका महत्वपूर्ण है। भाजपा झुग्गी-झोपड़ी प्रकोष्ठ के प्रदेश सह संयोजक श्री राजेश यादव ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्तनपान को लेकर व्याप्त भ्रांतियों को दूर करने के लिए पंचा यत स्तर पर निरंतर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाने चाहिए। मातृ दुग्ध केवल शिशु का पोषण नहीं, बल्कि उसके स्वस्थ भविष्य की पहली नींव है। स्वस्थ मां और स्वस्थ बच्चा ही स्वस्थ परिवार और मजबूत समाज का आधार है। जिला पंचायत प्रतिनिधि रवि रजक ने कहा कि मां का दूध बच्चे के लिए प्रकृति का सर्वोत्तम आहार है। यह शिशु की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। प्रत्येक मां को स्तनपान के महत्व की सही जानकारी और आवश्यक सहयोग मिलना जरूरी है।सरपंच श्रीमती ममता मरकाम ने माताओं से मितानिन एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से नियमित मार्गदर्शन लेने तथा स्तनपान को लेकर किसी भी प्रकार की भ्रांति से बचने की अपील की। उन्होंने कहा कि स्वस्थ मां और स्वस्थ बच्चा ही स्वस्थ पंचायत की आधारशिला हैं।
समारोह में मातृत्व, ममता एवं शिशु के बेहतर स्वास्थ्य के प्रति समर्पण के लिए 9 हितग्राही माताओं को ‘माता यशोदा सम्मान’ से सम्मानित किया गया। सम्मानित माताओं को प्रमाण पत्र, श्रीफल, फूलमाला एवं सम्मान सामग्री भेंट कर उनके मातृत्व और ममता को नमन किया गया। समाज सेवा, विभिन्न सामाजिक क्षेत्रों तथा स्वास्थ्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाली अन्य माताओं एवं महिलाओं को ‘माता शबरी सम्मान’ से सम्मानित किया गया। उनके सेवाभाव, सामाजिक योगदान और जनहित में किए जा रहे कार्यों के लिए प्रमाण पत्र, श्रीफल एवं फूलमाला भेंट कर सम्मानित किया गया। इस प्रकार ‘माता यशोदा सम्मान’ मातृत्व, वात्सल्य एवं शिशु के प्रति समर्पण को समर्पित रहा, जबकि ‘माता शबरी सम्मान’ समाज, स्वास्थ्य एवं विभिन्न क्षेत्रों में महिलाओं के सेवाभाव और योगदान के सम्मान का प्रतीक बना।
सम्मानित महिलाओं में दुर्गा बाई, सुखवारी, सुकदई, गोहनदई, सावित्री बाई, रंगीना, हरनबाई, उमा बाई, सरकहा, रुमालिया, रमशिला, श्यामबाई, सावित्री, किशोरी बाई, जागृति, केशो बाई, कल्याणी जगत, धुराजा यादव, अनीता केंवट, पदमनी, जमकुमारी, शिवकुमारी, उमा, रामकुंवर एवं आशा सहित अन्य महिलाएं शामिल रहीं। ग्रामीण क्षेत्रों में गर्भवती महिलाओं की देखभाल, मातृ-शिशु स्वास्थ्य, टीकाकरण, पोषण एवं स्वास्थ्य जागरूकता के क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभाने वाली मितानिन बहनों को भी सम्मानित किया गया। उनके जमीनी स्तर पर किए जा रहे कार्यों और सेवाभाव के प्रति सम्मान व्यक्त किया गया।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने मातृ दुग्ध के महत्व को जन-जन तक पहुंचाने, शिशु को जन्म से छह माह तक केवल स्तनपान कराने तथा स्तनपान को लेकर समाज में व्याप्त भ्रांतियों को दूर करने का संकल्प लिया। इस अवसर पर श्रीमती रुक्मणी यादव, सुश्री वंदना गुप्ता, राजेश यादव, रवि रजक एवं श्रीमती ममता मरकाम सहित बड़ी संख्या में माताएं, गर्भवती एवं शिशुवती महिलाएं, मितानिनें एवं ग्रामीणजन उपस्थित रहे। ‘मातृ दुग्ध दान, ममता सर्वोच्च सम्मान’ के संदेश के साथ आयोजित यह समारोह मातृत्व, महिला सम्मान तथा मातृ-शिशु स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता का प्रेरणादायक प्रयास रहा।
