निवेश के नाम पर पड़ोसी से 20 लाख की धोखाधड़ीः पीड़ित ने एसपी से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की

कोरबा 27 अगस्त। एक तरफ सायबर फ्रॉड से लोगों को बचाने के लिए पुलिस लगातार जागरूकता अभियान पर काम कर रही है। दूसरी ओर दूसरों के झांसे में आकर लोग अलग-अलग तरीके से धोखाधड़ी का शिकार हो रहे हैं। कुसमुंडा के शुभम साहू के साथ ऐसा हुआ। उनके साथ लगभग 20 लाख की धोखाधड़ी हो गई। उन्होंने पुलिस अधीक्षक से इसकी लिखित शिकायत की। प्रकरण में निवेश कंपनी से जुड़े व्यक्ति का पक्ष सामने नहीं आया है।
पुलिस अधीक्षक के पास निवेश के नाम पर धोखाधड़ी का यह मामला पहुंचा है जिस पर कार्रवाई की मांग की जा रही है। शिकायत में शुभम साहू ने कहा कि उनके पड़ोस में रहने वाले भरत लखवानी अप्रैल 2025 में उनके घर आए और कोरबा के घंटाघर के पास अपनी कंपनी होने की बात कही। उन्होंने दावा किया कि वे लोगों का पैसा शेयर मार्केट में निवेश कराते हैं और निवेशकों को अच्छा मुनाफा दिलाते हैं। लगातार संपर्क और भरोसा दिलाने के बाद 7 अप्रैल 2025 को भरत लखवानी ने उनके घर पर 2 लाख 20 हजार रुपये नकद लिए। आरोप है कि शुरुआत में कुछ राशि ब्याज के रूप में वापस की गई, जिससे उनका भरोसा और बढ़ गया। इसके बाद कथित तौर पर भरत लखवानी के कहने पर शुभम साहू ने अपने परिचितों और दोस्तों से भी निवेश के लिए रकम एकत्र कर उन्हें दी। शिकायत में कई लोगों से नकद और ऑनलाइन माध्यम से रकम लिए जाने का उल्लेख किया गया है। आरोप है कि अप्रैल से जुलाई 2025 के बीच कुल 19 लाख 50 हजार रुपये का लेन-देन किया गया।
वर्तमान में शिकायतकर्ता का आरोप है कि भरत लखवानी फोन नहीं उठा रहा है और कुसमुण्डा स्थित अपने घर से भी फरार है। परिवार के सदस्यों से पूछताछ करने पर भी आरोपी के संबंध में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिल सकी। पीड़ित शुभम साहू ने पुलिस अधीक्षक, कोरबा से मामले की जांच कर आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने तथा ठगी की गई रकम वापस दिलाने की मांग की है।
शुभम साहू का यह भी आरोप है कि निवेश के नाम पर उनका बैंक खाता नंबर लेकर उसका पिन भी लखवानी के पास रहता था, जिसके माध्यम से खाते से कई लेन-देन किए गए। शिकायतकर्ता के मुताबिक, बाद में उन्हें जानकारी मिली कि लखवानी ने कोरबा स्थित अपना कार्यालय बंद कर दिया है। जब उन्होंने अपनी रकम वापस मांगी तो लखवानी लगातार टालमटोल करता रहा और कभी लोन लेकर तो कभी नकद रकम लौटाने का आश्वासन देता रहा। इसके बाद पुलिस से शिकायत की गई।
