रियल एस्टेट कारोबारियों के ठिकानों पर ED की दबिश

दुर्ग. छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम ने गुरुवार को रियल एस्टेट कारोबार से जुड़े कारोबारियों के ठिकानों पर दबिश दी। जानकारी के मुताबिक, ED की टीम ने सजल जैन और विश्वास गुप्ता के निवास के साथ उनकी दुकानों पर भी जांच शुरू की है। कार्रवाई के दौरान दस्तावेजों और अन्य रिकॉर्ड की जांच की जा रही है।
तीन गाड़ियों में पहुंची ED की टीम
बताया जा रहा है कि ED की टीम दुर्ग के जैन गली स्थित निवास पर पहुंची। करीब तीन गाड़ियों में पहुंची टीम में 12 से अधिक अधिकारी शामिल बताए जा रहे हैं। कार्रवाई को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था के लिए CRPF के जवानों की भी तैनाती की गई है।
सुबह से शुरू हुई इस कार्रवाई के बाद संबंधित परिसरों में आवाजाही पर भी निगरानी रखी जा रही है। फिलहाल ED की टीम दस्तावेजों और कारोबारी लेन-देन से जुड़े रिकॉर्ड खंगाल रही है।
कांग्रेस कोषाध्यक्ष से जुड़े इनपुट के बाद कार्रवाई
जानकारी के अनुसार, कांग्रेस कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल से जुड़े दस्तावेजों और जांच के दौरान सामने आए इनपुट के आधार पर ED की कार्रवाई रियल एस्टेट कारोबारियों तक पहुंची है।
इसी इनपुट के आधार पर जांच एजेंसी संबंधित ठिकानों पर दस्तावेज, वित्तीय रिकॉर्ड और अन्य महत्वपूर्ण कागजात की जांच कर रही है। हालांकि, ED की ओर से अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि कार्रवाई किस विशेष मामले या आरोप के तहत की जा रही है और जांच में अब तक क्या मिला है।
दुर्ग के अलावा कई ठिकानों पर छापेमारी
जानकारी के मुताबिक, ED ने गुरुवार को छत्तीसगढ़ में कई अन्य ठिकानों पर भी कार्रवाई की है। इनमें कांग्रेस कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल, GD लॉजिस्टिक के संचालक और डॉक्टर कमलेश्वर अग्रवाल के भाई अनूप अग्रवाल के रविनगर स्थित घर और दफ्तर समेत चार ठिकाने शामिल बताए जा रहे हैं।
इसके अलावा रामगोपाल अग्रवाल के भतीजे प्रतीक अग्रवाल के धमतरी स्थित आवास पर भी ED की टीम ने छापेमारी की है।
जांच पूरी होने के बाद सामने आएगी स्थिति
फिलहाल ED की कार्रवाई जारी है। जांच एजेंसी की ओर से तलाशी पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि टीम को किन दस्तावेजों, डिजिटल रिकॉर्ड या अन्य महत्वपूर्ण जानकारियों का पता चला है।
ED की इस कार्रवाई से दुर्ग और आसपास के कारोबारी क्षेत्रों में हलचल बढ़ गई है। मामले में आगे की जानकारी जांच पूरी होने और आधिकारिक बयान सामने आने के बाद स्पष्ट होगी।
