लेमरू में करैत को किया रेस्क्यू, जंगल से निकलकर घरों में घुस रहे सांप

कोरबा 20 अगस्त। दूरस्थ वनांचल लेमरू में बारिश के मौसम में सरीसृपों के आबादी क्षेत्रों में आने की घटनाएं बढ़ जाती हैं। ऐसे समय में वन विभाग का मैदानी अमला ग्रामीणों की सुरक्षा के साथ-साथ वन्यजीवों के संरक्षण के लिए भी लगातार सक्रिय है। सूचना मिलते ही दिन हो या रात, विभागीय टीम तत्काल मौके पर पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित कर रही है।
इसी क्रम में ग्राम अर्सेना निवासी मंगलसाय के घर में बड़े आकार के करैत सर्प के निकलने की सूचना वन विभाग को प्राप्त हुई। सूचना पर वन विभाग की टीम तत्काल मौके पर पहुंची और प्रशिक्षित वनकर्मियों एवं चौकीदार द्वारा अत्यंत सावधानीपूर्वक करैत सर्प का सुरक्षित रेस्क्यू किया गया। रेस्क्यू के बाद उसे उसके प्राकृतिक आवास जंगल में सुरक्षित रूप से छोड़ दिया गया।यह लेमरू वन परिक्षेत्र में लगातार तीसरी सफल सरीसृप रेस्क्यू कार्रवाई है। इससे पहले दो अलग-अलग घटनाओं में आबादी क्षेत्र में निकले अजगरों का भी सफलतापूर्वक रेस्क्यू कर उन्हें सुरक्षित जंगल में छोड़ा गया था। लगातार हो रही इन सफल कार्रवाइयों से ग्रामीणों में वन विभाग के प्रति विश्वास बढ़ा है तथा मानव-वन्यजीव संघर्ष की संभावनाओं को कम करने में भी मदद मिल रही है।
वन परिक्षेत्र अधिकारी लेमरू देवव्रत सिन्हा ने बताया कि आबादी क्षेत्र में सर्प अथवा किसी अन्य वन्यजीव के दिखाई देने की सूचना मिलने पर ग्रामीण घबराएं नहीं और स्वयं उसे पकडने या नुकसान पहुंचाने का प्रयास न करें। तत्काल वन विभाग को सूचना दें, ताकि प्रशिक्षित अमले द्वारा वन्यजीव का सुरक्षित रेस्क्यू कर उसे उसके प्राकृतिक आवास में वापस छोड़ा जा सके। इस पूरी कार्रवाई को सफल बनाने में वनमंडल अधिकारी कोरबा के मार्गदर्शन एवं उपवनमंडल अधिकारी (उत्तर कोरबा) रामसिंह राठिया तथा उपवनमंडल अधिकारी (दक्षिण कोरबा) सूर्यकांत सोनी के निर्देशन में वन परिक्षेत्र लेमरू के अधिकारी-कर्मचारियों एवं प्रशिक्षित चौकीदार द्वारा त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई की गई।
