आरोपी को पकड़ने कार्रवाई मामलाः जाना था आरोपी को ट्रेन से पकड़ने, पीड़ित के पैसों से कर आए हवाई यात्रा? आईजी ने निरीक्षक सहित 8 पुलिसकर्मियों को किया सस्पेंड, पुलिस महकमे में मचा हड़कंप

कोरबा 19 अगस्त। आरोपी को पकड़ने के लिए पुलिस टीम को ट्रेन से रवाना होना था, लेकिन आरोप है कि पीड़ित के पैसों से पुलिसकर्मियों ने हवाई सफर कर लिया। मामला सामने आते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। गंभीर अनियमितता के आरोपों के बाद बिलासपुर आईजी रामगोपाल गर्ग ने निरीक्षक मोती पटेल सहित 8 पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है।
मामले में निरीक्षक मोती पटेल ,उनि. राम पाण्डेय (प्रभारी अधिकारी), आर. 747 प्रदीप राठौर (थाना कटघोरा), प्रआर. 381 गुनाराम सिन्हा, आर. 41 सुशील यादव (साइबर सेल), प्रआर. 392 गोपाल यादव, प्रआर. 35 राजेश कंवर और आर. 08 प्रशांत सिंह (रक्षित केन्द्र कोरबा) के नाम कार्रवाई की जद में बताए जा रहे हैं।
आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम की यात्रा को लेकर सवाल खड़े हुए हैं। आरोप है कि निर्धारित तरीके से ट्रेन से जाने के बजाय टीम ने हवाई सफर किया और इसके लिए पीड़ित के पैसों का इस्तेमाल किया गया। मामला जब वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचा तो विभागीय स्तर पर इसे गंभीरता से लिया गया। इसके बाद आईजी ने कार्रवाई करते हुए संबंधित पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया।
इस घटनाक्रम ने पुलिस विभाग में ड्यूटी के नाम पर खर्च और पैसों के इस्तेमाल की प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सबसे बड़ा सवाल यही है कि आरोपी को पकड़ने की कार्रवाई के दौरान पीड़ित से जुड़े पैसों का इस्तेमाल किसकी अनुमति से किया गया?
निलंबन के बाद अब जांच में यह सामने आना बाकी है कि ट्रेन की जगह फ्लाइट से जाने का फैसला किसने लिया, यात्रा का खर्च किस खाते या किस रकम से किया गया और इस पूरी प्रक्रिया में किसकी भूमिका रही। फिलहाल आईजी की कार्रवाई के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप है और मामले की जांच के परिणाम पर सभी की नजरें टिकी हैं।
